Site icon Navpradesh

महाकुंभ समापन पर बोले पीएम मोदी-एकता का महाकुंभ, युग परिवर्तन की आहट

PM Modi said on the conclusion of Maha Kumbh- Maha Kumbh is the symbol of unity, a sign of change of era

Pm modi Maha Kumbh 2025

-140 करोड़ देशवासियों की आस्था एक साथ एक समय में इस एक पर्व से आकर जुड़ गई

नई दिल्ली। Pm modi Maha Kumbh 2025: प्रयागराज में महाशिवरात्रि के साथ संपन्न महाकुंभ पर्व की दिव्यता और भव्यता पर अपने मन के उद्गार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे युग परिवर्तन की आहट बताया है। उन्होंने महाकुंभ पर अपने विचार को लेखबद्ध करते हुए गुरुवार को कहा है कि सहस्राब्दियों से चली आ रही महाकुंभ की यह सनातन परंपरा राष्ट्र चेतना जागृत करने वाला पर्व है।

श्री मोदी ने लिखा, महाकुंभ संपन्न हुआ…एकता का महायज्ञ संपन्न हुआ। जब एक राष्ट्र की चेतना जागृत होती है, जब वो सैकड़ों साल की गुलामी की मानसिकता के सारे बंधनों को तोड़कर नव चैतन्य के साथ हवा में सांस लेने लगता है, तो ऐसा ही दृश्य उपस्थित होता है, जैसा हमने 13 जनवरी के बाद से प्रयागराज में एकता के महाकुंभ में देखा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने 22 जनवरी, 2024 को अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में मैंने देवभक्ति से देशभक्ति की बात कही थी। प्रयागराज में महाकुंभ (Pm modi Maha Kumbh 2025) के दौरान सभी देवी-देवता जुटे, संत-महात्मा जुटे, बाल-वृद्ध जुटे, महिलाएं-युवा जुटे, और हमने देश की जागृत चेतना का साक्षात्कार किया। उन्होंने कहा, यह महाकुंभ एकता का महाकुंभ था, जहां 140 करोड़ देशवासियों की आस्था एक साथ एक समय में इस एक पर्व से आकर जुड़ गई थीं।

श्री मोदी ने कहा, “तीर्थराज प्रयाग के इसी क्षेत्र में एकता, समरसता और प्रेम का पवित्र क्षेत्र श्रृंगवेरपुर भी है, जहां प्रभु श्रीराम और निषादराज का मिलन हुआ था। उनके मिलन का वो प्रसंग भी हमारे इतिहास में भक्ति और सद्भाव के संगम की तरह ही है। प्रयागराज का ये तीर्थ आज भी हमें एकता और समरसता की वो प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि बीते 45 दिनों में प्रतिदिन, मैंने देखा, कैसे देश के कोने-कोने से लाखों-लाख लोग संगम तट की ओर बढ़े जा रहे हैं। संगम पर स्नान की भावनाओं का ज्वार, लगातार बढ़ता ही रहा। हर श्रद्धालु बस एक ही धुन में था, संगम में स्नान! मां गंगा, यमुना, सरस्वती की त्रिवेणी हर श्रद्धालु को उमंग, ऊर्जा और विश्वास के भाव से भर रही थी।

Exit mobile version