प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) ने आज अपने सफर के 11 साल शानदार तरीके से पूरे कर लिए हैं। साल 2015 में शुरू हुई इस योजना का मकसद उन छोटे दुकानदारों और उद्यमियों की मदद (PM Modi Mudra Yojana) करना था, जिन्हें बैंक से लोन मिलने में पसीने छूट जाते थे। आज इस मौके पर पीएम मोदी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस योजना ने देश के करोड़ों लोगों को अपना काम शुरू करने का न सिर्फ हौसला दिया है, बल्कि उन्हें पैसा भी मुहैया कराया है।
बिना गारंटी लोन और करोड़ों लाभार्थियों का भरोसा (PM Modi Mudra Yojana)
मुद्रा योजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें छोटे उद्यमियों को बिना किसी गारंटी के 50,000 रुपये से लेकर 20 लाख रुपये तक का लोन मिल जाता है। बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 11 सालों में कुल 57.79 करोड़ से ज्यादा लोन स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत अब तक कुल 40.07 लाख करोड़ रुपये बांटे जा चुके हैं, जिसने देश के कोने-कोने में स्वरोजगार की नई लहर पैदा कर दी है।
महिलाओं और नए उद्यमियों की चांदी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मौके पर एक बड़ा आंकड़ा (PM Modi Mudra Yojana) साझा किया। उन्होंने बताया कि कुल बांटे गए लोन में से दो-तिहाई यानी करीब 67 प्रतिशत लोन महिला उद्यमियों को दिए गए हैं। यह दिखाता है कि देश की आधी आबादी अब बिजनेस के क्षेत्र में कितनी तेजी से आगे बढ़ रही है। यही नहीं, करीब 12 करोड़ लोन उन लोगों को मिले हैं जिन्होंने पहली बार अपना कोई काम शुरू किया है।
वंचित वर्गों को मिला सबसे ज्यादा साथ
योजना की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसके कुल लाभार्थियों में से 51 प्रतिशत लोग SC, ST और OBC (PM Modi Mudra Yojana) वर्ग से आते हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि यह योजना ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को पूरा करने में बड़ी भूमिका निभा रही है। अब छोटे उद्यमी भी पूरे आत्मविश्वास के साथ देश की अर्थव्यवस्था में अपना योगदान दे रहे हैं और समाज के वंचित तबकों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुँच रही हैं।
