गांवों में शनिवार को किसानों के बीच एक ही चर्चा सुनाई (PM Kisan) दे रही है। कई लोग अपने बैंक खातों की जानकारी लेने में जुटे हैं, तो कहीं चौपालों में योजना की अगली राशि को लेकर बातें हो रही हैं। खेती किसानी से जुड़े परिवारों को आज मिलने वाली आर्थिक सहायता ने ग्रामीण इलाकों में उत्सुकता बढ़ा दी है।
प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में किसान इस मदद को खेती के कामों में उपयोगी मान रहे हैं। खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच आने वाली यह राशि किसानों के लिए राहत लेकर आई है। इसी क्रम में आज लाखों किसानों के खातों में योजना की नई किस्त पहुंचने जा रही है।
आज जारी होगी बीसवीं किस्त : PM Kisan
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त का वितरण शनिवार को किया (PM Kisan) जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशभर के किसानों के लिए राशि जारी किए जाने के साथ प्रदेश के किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा।
प्रदेश के 24 लाख 52 हजार 477 किसानों के बैंक खातों में कुल 490 करोड़ 54 लाख रुपये की राशि सीधे अंतरित की जाएगी। इससे बड़ी संख्या में किसान परिवारों को आर्थिक सहायता मिलेगी।
अब तक मिल चुकी है बड़ी मदद
वर्ष 2019 में शुरू की गई इस योजना के माध्यम से प्रदेश के किसानों को अब तक 10 हजार 783 करोड़ 90 लाख रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की जा चुकी है। यह राशि किसानों की खेती और अन्य आवश्यक जरूरतों में सहायक साबित हुई है।
योजना का बढ़ा दायरा
राज्य सरकार द्वारा पात्र किसानों को योजना से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया (PM Kisan) गया है। इसी कड़ी में 2 लाख 34 हजार वन पट्टाधारी किसानों और 32 हजार 500 विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के किसानों को भी योजना का लाभ दिया जा रहा है। वर्ष 2023 24 की तुलना में वर्ष 2025 26 के दौरान 2 लाख 80 हजार से अधिक नए किसान इस योजना के लाभार्थी बने हैं। इससे योजना की पहुंच लगातार बढ़ी है।
किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
कृषि को अधिक लाभकारी बनाने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से फसल विविधीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों को पारंपरिक खेती के साथ दूसरी फसलों की ओर भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर दलहन और तिलहन जैसी फसलें लेने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ तक सहायता दी जा रही है। वहीं अन्य खरीफ फसलों की खेती करने पर 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की मदद उपलब्ध कराई जा रही है।
