Pilgrimage Resumption : 22 दिन बाद खुलेगा रहस्य का द्वार? मां वैष्णो देवी यात्रा पर बड़ा फैसला आज

Pilgrimage Resumption : क्या आज वह दिन है जब लाखों श्रद्धालुओं की उम्मीदें सच होंगी? क्या भूस्खलन और बारिश से ठहरी आस्था की डगर आखिरकार खुल पाएगी? और क्या 22 दिन से रुकी यह यात्रा अब बिना किसी बाधा के शुरू हो सकेगी? पूरे जम्मू-कश्मीर में यही सवाल (Pilgrimage Resumption) को लेकर श्रद्धालुओं के दिलों में घूम रहे हैं।

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने संकेत दिया है कि यात्रा बुधवार से शुरू की जा सकती है। बोर्ड के प्रवक्ता ने बताया कि ट्रैक की मरम्मत पूरी कर ली गई है और अंतिम तैयारियां भी पूरी हो चुकी हैं। हालांकि स्पष्ट किया गया है कि यात्रा तभी संभव होगी जब मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। इसी वजह से कटरा और आसपास ठहरे हुए श्रद्धालुओं में उत्सुकता और बेचैनी दोनों बनी हुई है।

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मंगलवार को एक बार फिर मौसम ने रंग बदल दिया। आसमान में काले बादल छा गए और हल्की बूंदाबांदी होती रही। यही कारण है कि बोर्ड ने कोई जोखिम नहीं उठाने का फैसला किया है। श्रद्धालु चाहते हैं कि यह यात्रा तुरंत शुरू हो, लेकिन प्रशासन की प्राथमिकता सुरक्षा है। क्योंकि 26 अगस्त की वह भयावह घटना सबके जेहन में ताज़ा है, जब भारी भूस्खलन ने 34 श्रद्धालुओं की जान ले ली थी। उसके बाद से ही यात्रा स्थगित कर दी गई थी।

दरअसल, श्राइन बोर्ड ने पहले 14 सितंबर से यात्रा खोलने की घोषणा की थी, लेकिन 13 सितंबर को अचानक हुई तेज बारिश और पारंपरिक मार्ग पर फिर से हुए भूस्खलन के कारण कार्यक्रम टाल दिया गया। अब सफाई और मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है और बोर्ड ने भरोसा जताया है कि यदि आसमान साफ रहा तो श्रद्धालुओं के लिए मार्ग खोल दिया जाएगा। इस ऐलान ने आस्था के रंग में सस्पेंस घोल दिया है और हर कोई (Pilgrimage Resumption) पर नज़र गड़ाए बैठा है।

इसी बीच, नवरात्र के मद्देनज़र मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया जा रहा है। भवन और आसपास के क्षेत्र को फूलों से सँवारा जा रहा है। शारदीय नवरात्र में विशेष पूजा-पाठ और सजावट की परंपरा है, और लाखों की संख्या में श्रद्धालु इन दिनों मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सुरक्षा व्यवस्था को भी दुरुस्त किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

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अब सबकी निगाहें मौसम और श्राइन बोर्ड के अंतिम ऐलान पर हैं। क्या बुधवार सुबह से भक्तों की यह महायात्रा फिर से शुरू होगी, या फिर मौसम एक बार और (Pilgrimage Resumption) में रुकावट बनेगा? यही सस्पेंस इस पूरे घटनाक्रम को और रोमांचक बना रहा है।

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