8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और अब फिटमेंट फैक्टर पर नया मोड़ सामने (Pensioners Formula India) आया है। जहां एक ओर कर्मचारी संगठन फिटमेंट फैक्टर 3.0 तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, वहीं पेंशनर्स ने एक अलग रास्ता सुझाते हुए ‘हाइब्रिड मॉडल’ पेश किया है। यह प्रस्ताव रेलवे वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति द्वारा 14 मार्च 2026 को आयोग के चेयरपर्सन को सौंपा गया, जिसने इस बहस को और तेज कर दिया है।
क्या है हाइब्रिड फॉर्मूला, क्यों हो रहा चर्चा में
पेंशनर्स का कहना है कि फिटमेंट फैक्टर तय करने के लिए एक ही फॉर्मूले पर निर्भर रहने के बजाय कई पुराने और स्थापित मॉडलों को मिलाकर एक संतुलित सिस्टम बनाया जाए।
इस हाइब्रिड मॉडल में –
डॉ. वॉलेस एकरॉयड का फॉर्मूला
7वें वेतन आयोग का दृष्टिकोण
5वें वेतन आयोग का रिलेटिव इनकम मॉडल
को मिलाकर नया तरीका अपनाने की सिफारिश की गई है, ताकि वास्तविक आय में आई कमी (Pensioners Formula India) की भरपाई हो सके।
फिटमेंट फैक्टर में क्या-क्या जोड़ने की मांग(Pensioners Formula India)
पेंशनर्स ने सुझाव दिया है कि सिर्फ बेसिक खर्च ही नहीं, बल्कि आधुनिक जरूरतों को भी इसमें शामिल किया जाए-
रोजमर्रा के खर्च
इंटरनेट और डिजिटल कनेक्टिविटी
हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम
हेल्थकेयर महंगाई
इसके अलावा एक परिवार के लिए 4 सदस्यों की यूनिट को आधार मानने की सिफारिश भी की गई है।
कर्मचारी संगठनों की मांग और संभावित आंकड़े
जहां कुछ संगठन फिटमेंट फैक्टर 3.0 या उससे ज्यादा की मांग कर रहे हैं, वहीं पहले आई रिपोर्ट्स में इसके 1.82 से 2.46 के बीच रहने का अनुमान लगाया गया था।
हालांकि अंतिम फैसला आयोग की रिपोर्ट और सरकार की मंजूरी के बाद ही तय होगा।
सैलरी और पेंशन पर कैसे पड़ेगा असर
फिटमेंट फैक्टर वह गुणक होता है, जिससे पुरानी बेसिक सैलरी को नई सैलरी में बदला जाता है।
यानी यह सीधे तौर पर सैलरी, पेंशन और अन्य भत्तों में बढ़ोतरी (Pensioners Formula India) तय करता है। इसलिए इस पर हर कर्मचारी और पेंशनर की नजर टिकी हुई है।
कब आएगा फैसला, क्या है आगे की टाइमलाइन
फिलहाल 8वां वेतन आयोग डेटा कलेक्शन और मीटिंग्स के दौर में है।
रिपोर्ट आने की संभावना: 2027
लागू होने की उम्मीद: 2027
एरियर्स: 1 जनवरी 2026 से मिल सकते हैं
हालांकि सरकार वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखकर अंतिम फैसला लेगी।
अब क्या तय करेगा सरकार का रुख?
फिटमेंट फैक्टर पर अलग-अलग सुझावों के बीच अब सबसे अहम सवाल यही है कि सरकार किस फॉर्मूले (Pensioners Formula India) को प्राथमिकता देती है। अगर यूनियनों का दबाव बढ़ता है, तो 3.0+ फिटमेंट फैक्टर की संभावना बन सकती है, लेकिन वित्तीय संतुलन भी उतना ही बड़ा फैक्टर रहेगा।
