पूर्व थलसेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल (Penguin Random House India) तेज हो गई है। संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा किताब के कथित अंशों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधे जाने के बाद, अब पब्लिशर की ओर से आधिकारिक सफाई सामने आई है।
किताब के प्रकाशक Penguin Random House India ने स्पष्ट किया है कि ‘Four Stars of Destiny’ नामक यह ऑटोबायोग्राफी अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है और न ही इसकी कोई प्रति सार्वजनिक तौर पर जारी की गई है। कंपनी का कहना है कि उसके पास इस पुस्तक के एक्सक्लूसिव पब्लिशिंग राइट्स हैं और किसी भी तरह का वितरण उनकी अनुमति के बिना नहीं हुआ है।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब Delhi Police में मैन्युस्क्रिप्ट के कथित गैरकानूनी प्रसार को लेकर एफआईआर दर्ज होने की खबरें (Penguin Random House India) सामने आईं। पब्लिशर के अनुसार, डिजिटल या अन्य किसी भी फॉर्मेट में जो भी सामग्री सर्कुलेशन में बताई जा रही है, वह अधिकृत नहीं है।
कंपनी ने अपने वक्तव्य में साफ शब्दों में कहा कि किताब की कोई भी कॉपी – चाहे वह प्रिंटेड हो, पीडीएफ हो या ऑनलाइन फाइल – अब तक न तो छापी गई है, न बेची गई है और न ही सार्वजनिक की गई है। साथ ही यह भी जोड़ा गया कि यदि कोई संस्करण या अंश कहीं उपलब्ध पाया जाता है, तो उसे कॉपीराइट कानून का सीधा उल्लंघन माना जाएगा।
पब्लिशर ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी (Penguin Random House India) दी है कि अनधिकृत सामग्री के प्रसार पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, किताब से जुड़ा विवाद राजनीतिक बयानबाजी और कानूनी जांच – दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

