अवैध धान परिवहन के मामले में गंभीर लापरवाही सामने आने पर राजस्व विभाग ने कड़ा कदम उठाया है। महासमुंद जिले के बसना तहसील अंतर्गत पटवारी हल्का क्रमांक-20 के तत्कालीन पटवारी (Patwari Suspension) लालकृष्ण देवांगन को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई अवैध धान परिवहन की रोकथाम में कर्तव्य पालन में गंभीर चूक पाए जाने के बाद की गई है।
राजस्व पटवारी संघ तहसील बसना के पत्र के अनुसार, 21 दिसंबर 2025 की रात ग्राम उमरिया क्षेत्र में ओड़िशा राज्य के वाहन से 420 कट्टा धान का अवैध परिवहन किया जा रहा था। उक्त घटना के दौरान पटवारी लालकृष्ण देवांगन की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इस प्रकरण का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्रों में भी हुआ, जिससे शासन-प्रशासन की छवि को क्षति पहुंची।
मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बसना द्वारा 8 जनवरी 2026 को संबंधित पटवारी को कारण बताओ सूचना जारी की गई थी। जांच के दौरान प्राप्त जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि पटवारी द्वारा शासकीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरती गई है।
फलस्वरूप, कदाचरण, अनुशासनहीनता एवं शासकीय कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ भू-अभिलेख नियमावली भाग-एक तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 09 के उपनियम (1)(क) के तहत कार्रवाई की गई।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बसना हरिशंकर पैंकरा द्वारा पटवारी लालकृष्ण देवांगन (तत्कालीन प.ह.नं.-20, वर्तमान प.ह.नं.-42, तहसील बसना) को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Patwari Suspension) कर दिया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय बसना निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार उन्हें जीवन-निर्वाह भत्ता देय होगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध धान परिवहन और शासकीय कार्यों में लापरवाही पर भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

