रायगढ़ जिले के धान उपार्जन केंद्र तमनार में धान खरीदी के दौरान अनियमितता का मामला सामने आने पर जिला प्रशासन ने त्वरित एवं सख्त कार्रवाई की है। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित तमनार में धान खरीदी की Paddy Procurement Irregularity Raigarh के मामले में डाटा एंट्री ऑपरेटर अमित साय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, धान खरीदी केंद्र तमनार के फड़ प्रभारी हरेराम सिदार को कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही के कारण धान खरीदी कार्य से पृथक किया गया है।
मामला 19 जनवरी 2026 का है, जब कृषक श्री चन्द्रमणी, पिता श्री हरीशचंद्र, निवासी झिंकाबहाल ने धान विक्रय हेतु उपार्जन केंद्र में धान लाया था। प्रारंभिक जांच के दौरान 85 बोरी धान अमानक पाए जाने पर उन्हें पृथक कर दिया गया। शेष मानक धान को ढालकर नमी मापन एवं बोरे में भरकर वजन कराया गया। कुल 383 बोरी धान का वजन मानक पाया गया और इसे खरीदी योग्य माना गया।
लेकिन, समिति द्वारा संधारित रजिस्टर एवं कंप्यूटर प्रविष्टियों की जांच में यह गंभीर Paddy Procurement Irregularity Raigarh सामने आया कि डाटा एंट्री ऑपरेटर ने कृषक के नाम पर 662 बोरी धान की खरीदी दर्ज कर दी थी। वास्तविक रूप से केवल 383 बोरी ही खरीदी गई थी। इस तरह 279 बोरी की फर्जी एंट्री करके खरीद की संख्या में गड़बड़ी की गई थी।
इस गंभीर खुलासे के बाद जिला प्रशासन ने बिना किसी देरी के कार्रवाई करते हुए डाटा एंट्री ऑपरेटर को निलंबित कर दिया और फड़ प्रभारी को खरीदी कार्य से पृथक कर दिया गया। यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि राज्य में धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और किसान हितों की सुरक्षा प्राथमिकता है।
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि मामले की गहन जांच जारी है और यदि अन्य कर्मचारियों या अन्य केंद्रों में भी ऐसी अनियमितता पाई जाती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, किसान हितों की रक्षा और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए खरीदी प्रक्रिया में और भी सख्ती बरती जाएगी।

