विकास कार्यों की धीमी रफ्तार पर मंत्री चौधरी नाराज, हर माह तय होगा लक्ष्य

रायगढ़। शहर में चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर वित्त मंत्री एवं शहर विधायक ओपी चौधरी ने नाराजगी जताई। शनिवार को उन्होंने शहर की विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण कर अधिकारियों और ठेकेदारों से काम की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने बरसात के बाद निर्माण के लिए अनुकूल मौसम का अधिकतम उपयोग करते हुए कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समय-सीमा में परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश दिए।

मंत्री चौधरी ने राजीव नगर दूध डेयरी ऑक्सीजोन, गोवर्धनपुर पुल, बेलादुला मरीन ड्राइव, रपटा-स्टाफ डैम तथा एसईसीएल मरीन ड्राइव और पुलिया का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। साथ ही अधिकारियों को बेहतर निर्माण सामग्री का उपयोग सुनिश्चित करने और नियमित निगरानी के निर्देश दिए।

गोवर्धनपुर पुल की धीमी गति पर जताई नाराजगी

निरीक्षण के दौरान गोवर्धनपुर पुल के निर्माण की धीमी रफ्तार पर मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने सेतु विभाग के इंजीनियरों को काम की गति बढ़ाने के लिए मासिक लक्ष्य निर्धारित करने और हर माह तय लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। पुल निर्माण के साथ ही सड़क निर्माण और विद्युत पोलों की स्थानांतरण प्रक्रिया भी जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए, ताकि परियोजना में अनावश्यक देरी न हो।

मरीन ड्राइव में वॉकवे की योजना पर जोर

बेलादुला मरीन ड्राइव में रपटा और स्टाफ डैम निर्माण कार्यों का जायजा लेते हुए मंत्री ने इन्हें स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए। एसईसीएल मरीन ड्राइव और पुलिया के निरीक्षण के दौरान ड्राइंग-डिजाइन के अनुसार निर्माण पूरा करने पर जोर दिया गया। उन्होंने नदी के बीच वॉकवे की संभावनाओं को लेकर योजना तैयार करने तथा मरीन ड्राइव को मुख्य सड़क और हाईवे से जोड़ने के लिए प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश दिए।

ऑक्सीजोन समेत अन्य परियोजनाओं में तेजी के निर्देश

राजीव नगर ऑक्सीजोन सहित अन्य विकास कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा करने को कहा। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के साथ उनकी गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जाए।

निरीक्षण के दौरान महापौर जीवर्धन चौहान, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित नगर निगम, हाउसिंग बोर्ड, लोक निर्माण विभाग, सेतु विभाग और एसईसीएल के अधिकारी, कार्यपालन अभियंता, इंजीनियर, स्थानीय पार्षद एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

↑
Exit mobile version