मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नुआपाड़ा विधानसभा उपचुनाव (Odisha Election 2025) में भाजपा प्रत्याशी जय धोलकिया के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तम ओड़िशा हमारा सामूहिक संकल्प है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के जीवन में ऐतिहासिक बदलाव आ रहा है, और आज देश इसके साक्षी हैं। साय ने कहा कि ओड़िशा और छत्तीसगढ़ का रिश्ता केवल सीमाओं का नहीं, संस्कृति और परंपरा का है। भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद दोनों राज्यों पर समान रूप से बना हुआ है।
बीजेडी सरकार ने थामा विकास, भाजपा ने बढ़ाया सम्मान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बीजेडी शासन के दौरान ओड़िशा में विकास कार्य ठप हो गए थे। उन्होंने कहा — “तब हर किसी के मन में सवाल था कि राज्य के मुख्यमंत्री नवीन बाबू हैं या पांडियन? साय ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन मांझी के नेतृत्व में अब ओड़िशा विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है। भाजपा हमेशा जनजातीय समाज का सम्मान करती आई है — यही कारण है कि आज देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जनजातीय समाज से हैं। मांझी कैबिनेट में चार जनजातीय विधायकों को भी शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि मांझी सरकार ने नुआपाड़ा जिले के विकास के लिए अब तक 1101 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है, जिसमें 800 करोड़ रुपये जल परियोजनाओं पर खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार विकास की गारंटी है और डबल इंजन की ताकत से हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति हो रही है। साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में “महतारी वंदन योजना” और ओड़िशा में “सुभद्रा योजना” के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर मिल रहा है। दोनों राज्यों की सरकारें जनता की सुविधा के लिए मिलकर काम कर रही हैं।
(Odisha Election 2025) साय बोले, ओड़िशा-छत्तीसगढ़ अब सुरक्षित
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ओड़िशा और छत्तीसगढ़ की संयुक्त रणनीति से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा आज दोनों राज्यों में डबल इंजन की सरकारें हैं, और हम नक्सलवाद मुक्त भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। साय ने लोगों से अपील की कि वे स्व. राजेन्द्र धोलकिया के पुत्र जय धोलकिया को समर्थन दें और उत्तम ओड़िशा के सपने को साकार करें। सभा में भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और ओड़िशा सह प्रभारी लता उसेंडी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बसंत पंडा, उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही, विधायक पुरंदर मिश्रा और रोहित साहू भी मौजूद थे।

