चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर–दिसंबर तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था ने 7.8 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि (October December GDP) दर दर्ज की है। सरकार द्वारा जारी नई जीडीपी सीरीज के आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली, जिससे ग्रोथ रेट पिछले आकलनों से बेहतर रही।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), सेवा और कृषि क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन ने विकास दर को मजबूती दी। फेस्टिव सीजन के दौरान मांग में आई तेजी और निवेश गतिविधियों में सुधार का भी सकारात्मक असर पड़ा। सरकारी पूंजीगत व्यय और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में गति से आर्थिक गतिविधियों को अतिरिक्त बल मिला।
किन सेक्टरों ने दिया सहारा?
विनिर्माण क्षेत्र में उत्पादन बढ़ने से औद्योगिक गतिविधियों को गति मिली।
सेवा क्षेत्र में उपभोक्ता मांग और कारोबार में विस्तार देखने को मिला।
कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन भी स्थिर और सहयोगी रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू मांग की मजबूती और सरकारी खर्च में बढ़ोतरी ने अर्थव्यवस्था (October December GDP) को सहारा दिया। त्योहारी सीजन में खपत बढ़ने से रिटेल, ऑटोमोबाइल और उपभोक्ता वस्तुओं की बिक्री में सुधार दर्ज किया गया।
सरकार का कहना है कि नई जीडीपी सीरीज के जरिए अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति का अधिक सटीक आकलन संभव हो सकेगा। यह आंकड़ा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाता है। अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, यदि निवेश और खपत की यही रफ्तार बनी रही तो आगामी तिमाहियों में भी विकास दर मजबूत रह सकती है।

