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Breaking:नीरज पांडे को मिली छत्तीसगढ़ NSUI की जिम्मेदारी, AICC ने जारी किया प्रदेश अध्यक्ष का नाम

Neeraj Pandey got the responsibility of Chhattisgarh NSUI, AICC released the name of the state president

NSUI

रायपुर/नवप्रदेश। छत्तीसगढ़ NSUI को आज नया अध्यक्ष मिल गया है। नीरज पांडे को अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। AICC के महासचिव केसी वेणु गोपाल के दफ्तर से आदेश जारी कर दिया गया है।

पिछले कई दिनों से NSUI में अध्यक्ष के पद को लेकर काफी गहमागहमी चल रही थी। जिसके लिए NSUI के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा दिल्ली में अपने राष्ट्रीय नेतृत्व के सम्पर्क में लगातार थे। दरअसल, नीरज पांडेय आकाश शर्मा के काफी करीबी हैं। आकाश शर्मा 7 वर्षों तक NSUI के प्रदेश अध्यक्ष पर काबिज रहे। हालाकि इस पद के लिए कई दावेदारों ने अपना दम लगाया, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष की ताज नीरज पांडे के सर ही बंधी।

इंटरव्यू के जरिए मिला NSUI प्रदेश अध्यक्ष

छत्तीसगढ़ में विभिन्न चुनावों की वजह से एनएसयूआई का चुनाव नहीं हो पाया था। इस बार इंटरव्यू के जरिए नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव किया गया। इंटरव्यू की प्रक्रिया 14 अगस्त को दिल्ली में पूरी हो गई थी। इसमें करीब 16 दावेदारों ने अपना इंटरव्यू दिया था। इसके आधार पर दावेदारों को परखने का काम भी किया गया।

NSUI Letter

ओबीसी लॉबिंग फेल

एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने के लिए शीर्ष नेतृत्व जातिगत और भौगोलिक समीकरण पर भी ध्यान दे रहे थे। लेकिन दो अक्टूबर को आये आदेश ने सबको हैरान कर दिया। उन दिनों प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में बड़ा नाम भावेश शुक्ला का था। वर्तमान में वे एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। इस बीच संसद में ओबीसी बिल पारित होने के बाद ओबीसी वर्ग से प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग को लेकर लॉबिंग तेज हुई थी। इसमें चमन साहू का नाम सबसे आगे बताया जा रहा था । इसके अलावा आदिवासी वर्ग से भी एक नाम प्रमुखता से सामने आ रहा था हालांकि संगठन में काम करने का उनके पास बहुत ज्यादा अनुभव नहीं है। आखिरकार सब को मात देते हुए सामान्य वर्ग राष्ट्रीय नेतृत्व ने विश्वास जताया और नीरज पांडेय की ताजपोशी की गई।

नीरज को है चुनौती

इस बार प्रदेश अध्यक्ष के लिए कई दावेदार थे, मगर आलाकमान ने नीरज पांडे को कमान सौंपी है। सूत्रों के मुताबिक NSUI में अब दूसरे समुदाय के नेता जो सालों से विंग में सक्रिय हैं वो नाराज हो गए हैं। इस नाराजगी के बीच नए अध्यक्ष के लिए काम करना मुश्किल माना जा रहा है। हालांकि नीरज पांडेय की मिलनसार छवि अपने साथियों की नाराजगी कितनी दूर कर पाती है ये तो समय ही बताएगा।

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