विष्णु देव साय से बुधवार को विधानसभा परिसर में बीजापुर और कांकेर से आए 140 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने मुलाकात (Naxal Surrender Chhattisgarh) की और मुख्यधारा में लौटने की अपनी नई जिंदगी का अनुभव साझा किया।
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी से खुलकर बातचीत की और उनके पुराने जीवन से लेकर वर्तमान स्थिति तक की जानकारी ली। आत्मसमर्पित नक्सलियों ने बताया कि जंगलों में बीता जीवन डर, असुरक्षा और संघर्ष से भरा था, लेकिन अब वे परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी पा रहे हैं।
कई लोगों ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार अपने परिवार के साथ होली जैसे त्योहार (Naxal Surrender Chhattisgarh) मनाए, जो उनके लिए बिल्कुल नया अनुभव था। उन्होंने यह भी बताया कि उनके गांवों में अब सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं, जिससे जीवन में बड़ा बदलाव आया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस कदम को छत्तीसगढ़ के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह सिर्फ आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि संविधान पर विश्वास जताकर इन लोगों ने समाज के सामने सकारात्मक उदाहरण रखा है।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार पुनर्वास, रोजगार और सामाजिक पुनर्स्थापन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम (Naxal Surrender Chhattisgarh) कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद अब अपने अंतिम दौर में है और केंद्र के सहयोग से इसे पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य जल्द हासिल किया जाएगा। इस अवसर पर विजय शर्मा, केदार कश्यप और निहारिका बारिक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
