लाल आतंक के खिलाफ सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। 33 लाख के इनामी 10 माओवादियों ने आत्मसमर्पण (Naxal Surrender Alert) किया है, जिनमें 6 महिला माओवादी भी शामिल हैं। माओवादियों ने AK-47 और दो SLR हथियार सरेंडर किए।
बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि बचे हुए माओवादियों के पास ज्यादा समय नहीं है। वे जल्द आत्मसमर्पण करें अन्यथा जवानों का अभियान (Security Operations) जारी है। सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों ने भी अपील की कि सभी माओवादी मुख्यधारा से जुड़ें।
शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन में 10 माओवादियों ने पुलिस अधिकारियों और समाज प्रमुखों के समक्ष आत्मसमर्पण किया। पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि
गंगा कुंजाम ACM, 8 लाख इनामी, AK-47 के साथ सरेंडर
लेकाम रामा PPCM, 5 लाख इनामी, स्टेन गन सहित
ताती सोनी PCCM, 7 लाख इनामी, SLR लेकर पहुंची
शांति सोढ़ी ACM, 7 लाख इनामी, SLR के साथ
माड़वी नवीन 1 लाख इनामी, BGL लॉन्चर सहित
मिड़ियम भीमा CYPCM, 8 लाख इनामी
माड़वी रूकनी, ओयाम मंगली, पोड़ियम मंगी, माड़वी गंगी—1–1 लाख इनामी
एसपी ने कहा कि वर्ष 2025 में अब तक 263 माओवादी आत्मसमर्पण (Anti-Naxal Drive) कर चुके हैं। समाज प्रमुखों ने सभी को एक-एक पौधा और हाथ में तिरंगा दिया। वायन वाटिका में सभी ने पौधारोपण भी किया। मौके पर कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, DIG CRPF आनंद सिंह, ASP रोहित शाह और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यधारा में शामिल होने के अलावा कोई विकल्प नहीं
आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि पिछले 11 महीनों में 1514 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। अब केवल देवजी, पप्पा राव और देवा बारसे की टीम बची है। उन्होंने कहा कि हिंसा छोड़कर विकास (Development Push) से जुड़ना ही एकमात्र रास्ता है। सभी जिलों में जवानों के ऑपरेशन जारी हैं।
सर्व आदिवासी समाज प्रमुख उमेंश ने कहा कि माओवादी संगठन की बुरी स्थिति साफ दिख रही है, क्योंकि बड़े नेता भी अन्य राज्यों में जाकर आत्मसमर्पण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के बचे हुए माओवादी जल्द आत्मसमर्पण करें, हिंसा छोड़ें और मुख्यधारा में लौटकर क्षेत्र के विकास में योगदान दें।
