छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित अंचल में सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी (Naxal Cash Seizure 46 Lakh) हाथ लगी है। जिले के दुर्गम सांपसाटी पहाड़ी क्षेत्र में संयुक्त कार्रवाई के दौरान माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए 46 लाख 31 हजार 500 रुपये नकद और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। यह ऑपरेशन गरियाबंद पुलिस की ई-30 ऑप्स टीम और धमतरी की डीआरजी (District Reserve Guard) के संयुक्त प्रयास से अंजाम दिया गया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई हाल ही में आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर की गई। पूछताछ में खुलासा हुआ था कि क्षेत्र के घने जंगलों और पहाड़ी दर्रों में माओवादी नेताओं ने नकदी और हथियार छिपाकर रखे हैं। सूचना के बाद विशेष रणनीति बनाकर टीमों को रवाना किया गया, जिन्होंने कई संदिग्ध ठिकानों पर तलाशी ली।
बरामद राशि में 2,000 रुपये के 100 पुराने नोट भी शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत दो लाख रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा एक भरमार बंदूक, एक सुरका राइफल, 32 बीजीएल सेल, 200 से अधिक जिंदा कारतूस, एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियां बरामद इलेक्ट्रॉनिक सामग्री की तकनीकी जांच भी कर रही हैं, ताकि नेटवर्क और संपर्क सूत्रों की जानकारी जुटाई जा सके।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र पटेल ने बताया कि पिछले दो वर्षों में जिले में चलाए गए विभिन्न अभियानों के दौरान अब तक एक करोड़ आठ लाख रुपये से अधिक की नकदी (Naxal Cash Seizure 46 Lakh) जब्त की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल लगातार नक्सलियों के आर्थिक तंत्र को कमजोर करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि नकदी और हथियारों की इस बरामदगी से माओवादी संगठन की गतिविधियों को बड़ा झटका लगेगा। पुलिस का फोकस अब उन ठिकानों की पहचान पर है, जहां और सामग्री छिपाए जाने की आशंका है। इलाके में सर्चिंग अभियान फिलहाल जारी है और संवेदनशील गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई को क्षेत्र में शांति और स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम (Naxal Cash Seizure 46 Lakh) माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आत्मसमर्पण नीति और लगातार दबाव के कारण माओवादी नेटवर्क कमजोर हो रहा है, और आने वाले समय में ऐसे ऑपरेशन और तेज किए जाएंगे।

