छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को ड्रग तस्करी का मामला अचानक राजनीतिक बहस का केंद्र (Navya Malik Drug Case) बन गया, जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बहुचर्चित ड्रग पैडलर नव्या मलिक का नाम सदन में उठाते हुए सरकार से सीधे सवाल किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा प्रस्तुत जानकारी में नव्या मलिक का नाम आरोपियों की सूची में शामिल नहीं है, जिससे पूरे मामले की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रश्नकाल के दौरान भूपेश बघेल ने कहा कि नव्या मलिक का नाम पहले सामने आ चुका है और यह मामला प्रदेश में ड्रग नेटवर्क से जुड़े गंभीर मामलों में शामिल रहा है। ऐसे में जब सदन में ड्रग तस्करी से जुड़े आरोपियों की जानकारी दी जा रही है, तो उस सूची में नव्या मलिक का नाम क्यों नहीं है। उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि क्या जानबूझकर किसी आरोपी का नाम छिपाया जा रहा है या फिर जांच प्रक्रिया में कोई कमी रह गई है।
इस मुद्दे पर सदन में कुछ समय के लिए गंभीर माहौल बन गया। विपक्ष ने इसे केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि प्रदेश में ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की गंभीरता से जोड़कर (Navya Malik Drug Case) देखा। भूपेश बघेल ने कहा कि ड्रग तस्करी युवाओं के भविष्य से जुड़ा संवेदनशील विषय है और ऐसे मामलों में पूरी पारदर्शिता जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कानून सभी पर समान रूप से लागू हो रहा है।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने इस संबंध में जवाब देते हुए कहा कि सदन में मांगी गई जानकारी निर्धारित अवधि और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर प्रस्तुत की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि नव्या मलिक से जुड़े मामले की जानकारी एकत्र कर सदन को अवगत कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ड्रग तस्करी के मामलों को गंभीरता से ले रही है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है।
इस घटनाक्रम के बाद यह मामला विधानसभा के भीतर और बाहर चर्चा का विषय बन गया है। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्ट जवाब चाहता है, जबकि सरकार का कहना है कि सभी मामलों में नियमानुसार कार्रवाई (Navya Malik Drug Case) की जा रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नव्या मलिक के मामले में सरकार क्या विस्तृत जानकारी सामने लाती है और क्या इससे जुड़े सवालों का संतोषजनक जवाब मिल पाता है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में उठे इस मुद्दे ने यह संकेत दे दिया है कि प्रदेश में ड्रग तस्करी और उससे जुड़े मामलों पर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर बहस आने वाले समय में और तेज हो सकती है।

