मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अल्पायु में ही संपूर्ण विश्व को भारत की सनातन संस्कृति, अध्यात्म और दर्शन से परिचित कराते हुए देश का मान और गौरव बढ़ाया। मुख्यमंत्री राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित सेंड ऑफ सेरेमनी कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित कर रहे थे।
इस कार्यक्रम का आयोजन खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा किया गया था, जिसमें राष्ट्रीय युवा उत्सव के लिए चयनित प्रतिभागी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं को दिशा देने का कार्य करते हैं और (National Youth Festival Chhattisgarh) जैसे मंच युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का माध्यम हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के जन्मदिवस 12 जनवरी को प्रतिवर्ष राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है और इसी अवसर पर राष्ट्रीय युवा उत्सव का आयोजन किया जाता है। यह उत्सव देश की युवा ऊर्जा, नवाचार, रचनात्मकता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का सशक्त प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल अपने भविष्य का नहीं, बल्कि देश की दिशा और दशा तय करने की क्षमता रखता है, और (National Youth Festival Chhattisgarh) के माध्यम से यह क्षमता राष्ट्रीय मंच पर सामने आती है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़वासियों के लिए यह गर्व का विषय है कि स्वामी विवेकानंद ने अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण समय रायपुर में बिताया। बूढ़ा तालाब और डे-भवन जैसे पावन स्थल आज भी स्वामी विवेकानंद की स्मृतियों से जुड़े हुए हैं और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध रही है, जिसे (National Youth Festival Chhattisgarh) के मंच पर देश के सामने प्रस्तुत करने का अवसर युवाओं को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष राष्ट्रीय युवा उत्सव में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने के लिए 75 प्रतिभाशाली युवाओं का चयन किया गया है। इनमें 45 युवा विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग, 1 युवा डिजाइन फॉर भारत ट्रैक और 29 प्रतिभागी सांस्कृतिक ट्रैक्स के माध्यम से शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह चयन पूरे राज्य के लिए गौरव की बात है और यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ के युवा नेतृत्व, रचनात्मकता और नवाचार के क्षेत्र में देशभर में अपनी पहचान बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय युवा उत्सव में भाग लेना छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की युवा शक्ति के साथ जुड़ने का अवसर है। यहां वे देश के विभिन्न राज्यों से आए युवाओं के साथ विचारों का आदान-प्रदान करेंगे और विकसित भारत के संकल्प में सहभागी बनेंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा राष्ट्रीय मंच पर अपनी लोकसंस्कृति, लोकनृत्य, लोकगीत और नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन करेंगे, जिससे राज्य की पहचान और अधिक सशक्त होगी।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के चयनित युवा 9 जनवरी को नई दिल्ली पहुंचकर देश के विभिन्न प्रांतों से आए युवा कलाकारों और यंग लीडर्स से संवाद करेंगे। 11 जनवरी को वे इसरो के गगनयात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से मुलाकात कर उनके अंतरिक्ष अनुभवों से प्रेरणा लेंगे। वहीं 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर से आए युवा प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे, जिससे युवाओं में नई ऊर्जा और दिशा का संचार होगा।
युवा शक्ति ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के प्रेरक संदेश “उठो, जागो और तब तक नहीं रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए” का उल्लेख करते हुए युवाओं से इसे अपने जीवन का मंत्र बनाने का आह्वान किया। उन्होंने सभी चयनित प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे जहां भी जाएं, छत्तीसगढ़ की संस्कृति और मूल्यों को गर्व के साथ प्रस्तुत करे।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि जहां युवा होते हैं, वहां ऊर्जा और उत्साह का स्वतः संचार होता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि देश के यंग लीडर्स हर क्षेत्र में नेतृत्व करें। उन्होंने प्रदेश में विकासखंड स्तर से लेकर राज्य स्तर तक युवा महोत्सव के सफल आयोजन के लिए विभागीय अधिकारियों की सराहना की और चयनित प्रतिभागियों को बधाई दी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चयनित प्रतिभागियों को वेशभूषा किट प्रदान की। कार्यक्रम में युवा आयोग अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में युवा प्रतिभागी उपस्थित रहे।

