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NASA Moon Mission 2026 : 54 साल बाद फिर चंद्रमा की ओर बढ़ेगा मानव कदम: 6 मार्च को नासा भेजेगा चार अंतरिक्ष यात्री

NASA Moon Mission 2026

NASA Moon Mission 2026

आधी सदी से अधिक समय के लंबे अंतराल के बाद मानव फिर से चंद्रमा की दिशा में ऐतिहासिक यात्रा पर निकलने (NASA Moon Mission 2026) जा रहा है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अपने महत्वाकांक्षी मानवयुक्त मिशन आर्टेमिस-II के प्रक्षेपण के लिए 6 मार्च 2026 की तिथि को लक्ष्य के रूप में निर्धारित किया है। इस मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के पास पहुंचकर उसकी परिक्रमा करेंगे और सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर लौटेंगे।

यह मिशन इसलिए भी खास माना जा रहा है, क्योंकि इससे पहले वर्ष 1972 में अपोलो-17 मिशन के दौरान इंसान ने चंद्रमा के आसपास अंतिम बार यात्रा की थी। अब 54 वर्षों बाद मानव एक बार फिर चंद्रमा के निकट पहुंचने वाला है, जिसे अंतरिक्ष अन्वेषण के नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

प्रक्षेपण से पहले की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया, जिसे “वेट ड्रेस रिहर्सल” कहा जाता है, हाल ही में सफलतापूर्वक (NASA Moon Mission 2026) पूरी कर ली गई है। इस परीक्षण में रॉकेट के पूरे काउंटडाउन क्रम का अभ्यास किया जाता है और उसमें अत्यधिक ठंडा तरल ईंधन भरा जाता है, ताकि वास्तविक लॉन्च से पहले सभी प्रणालियों की कार्यक्षमता सुनिश्चित की जा सके।

शुरुआती परीक्षण के दौरान हाइड्रोजन गैस के रिसाव की समस्या सामने आई थी, जिसके चलते मिशन को अस्थायी रूप से स्थगित किया गया। इसके बाद इंजीनियरों ने विस्तृत तकनीकी जांच कर समस्या का समाधान किया और हालिया परीक्षण में सभी प्रणालियां सामान्य रूप से कार्य करती पाई गईं।

इस ऐतिहासिक मिशन के लिए नासा अपने सबसे शक्तिशाली रॉकेट स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) का उपयोग करेगा। यही रॉकेट अंतरिक्ष यात्रियों को ओरियन अंतरिक्ष यान में लेकर चंद्रमा की दिशा में भेजेगा। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य चंद्रमा की परिक्रमा कर भविष्य में मानव को चंद्रमा की सतह पर उतारने की तैयारी करना है।

प्रक्षेपण से पहले अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा अंतिम उड़ान तैयारी समीक्षा की जाएगी, जिसमें रॉकेट के इंजन, एवियोनिक्स, नेविगेशन सिस्टम और जीवन समर्थन प्रणालियों की गहन जांच होगी। सभी तकनीकी पहलुओं के संतोषजनक पाए जाने के बाद ही अंतिम प्रक्षेपण को मंजूरी दी जाएगी।

नासा ने मिशन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह भी स्पष्ट किया है कि अंतरिक्ष यात्री जल्द ही “सॉफ्ट क्वारंटीन” में जाएंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मिशन से पहले उनका स्वास्थ्य पूरी तरह सुरक्षित रहे और किसी भी प्रकार के संक्रमण या स्वास्थ्य जोखिम से बचा जा सके।

आर्टेमिस-II मिशन को भविष्य के चंद्र मिशनों की दिशा में एक निर्णायक कदम माना (NASA Moon Mission 2026) जा रहा है। इस मिशन की सफलता न केवल मानव को फिर से चंद्रमा की सतह पर उतारने की राह तैयार करेगी, बल्कि मंगल ग्रह जैसे दूरस्थ अंतरिक्ष अभियानों के लिए भी नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी।

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