Nano Urea : किसानों से सीधे जुड़े मुख्यमंत्री, नैनो यूरिया और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने किया प्रेरित

मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai शुक्रवार को सुशासन तिहार के तहत ग्राम करहीबाजार में आयोजित शिविर में शामिल (Nano Urea) हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन किया और किसानों से सीधे संवाद कर खेती-किसानी से जुड़ी योजनाओं और तकनीकों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने किसानों को पारंपरिक रासायनिक खादों के विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए (Nano Urea) के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डीएपी और यूरिया के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होती है, इसलिए अब किसानों को वैकल्पिक और टिकाऊ खेती की ओर बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि (Nano Urea) और हरी खाद खेती के लिए बेहतर विकल्प बनकर उभर रहे हैं, जिससे लागत कम होगी और भूमि की उर्वरा शक्ति भी सुरक्षित रहेगी।

मुख्यमंत्री ने पिछले पांच वर्षों से प्राकृतिक खेती कर रहे सिंगारपुर निवासी किसान विष्णु ध्रुव के कार्यों की सराहना की। उन्होंने विष्णु ध्रुव से खेती के अनुभवों और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों पर विस्तार से चर्चा की। इसके अलावा भाटापारा विकासखंड में संचालित बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर की महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष रजनी निषाद से भी संवाद किया और समूह द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली।

कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग द्वारा लगाए गए लघुधान्य फसलों के प्रदर्शन का भी मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया। विभाग ने किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न सामग्रियों का वितरण किया। किसानों को निःशुल्क (Nano Urea) वितरित किया गया, जिसमें लोकनाथ जांगड़े, तीरथ राम जायसवाल, दिल कुमारी यादव, मानकी पटेल और रजनी निषाद शामिल रहे।

इसके साथ ही 50 प्रतिशत अनुदान पर हरी खाद के रूप में मूंग और बेंचा बीज का वितरण भी किया गया। यह लाभ रमदैया गांव के दिलीप वर्मा, केसला के राजेंद्र रजक और मल्दी गांव के भोलाराम वर्मा को प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने किसानों से नई तकनीकों को अपनाकर खेती में बदलाव लाने की अपील भी की।

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