मध्यप्रदेश में किसानों के लिए नई पहल की शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा (Mohan Yadav Agriculture Cabinet) की है कि 2 मार्च को जनजातीय अंचल बड़वानी में राज्य की पहली कृषि कैबिनेट आयोजित की जाएगी। इसे होली से पहले किसानों के लिए विशेष सौगात के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से सौजन्य भेंट के बाद यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 को राज्य सरकार ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मना रही है। कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, सहकारिता और उद्योग सहित 17 विभागों को एक मंच पर लाकर ‘बगीचे से बाजार’ तक की समेकित रणनीति तैयार की गई है, जिससे किसानों को उत्पादन से लेकर विपणन तक बेहतर अवसर मिल सकें। बड़वानी में होने वाली कृषि कैबिनेट में किसानों की आय बढ़ाने और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है।
नई दिल्ली में सौजन्य भेंट, विकास एजेंडे पर चर्चा
नई दिल्ली में हुई मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास और सांस्कृतिक पहलों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित आयोजनों, नक्सल उन्मूलन अभियान और जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास (Mohan Yadav Agriculture Cabinet) पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश नक्सल गतिविधियों से मुक्त होने वाला अग्रणी राज्य बना है और बालाघाट क्षेत्र के विकास के लिए विशेष कार्यक्रमों की योजना है।
गैस त्रासदी स्मारक और राष्ट्रीय अनुसंधान केंद्र की योजना
मुख्यमंत्री ने भोपाल गैस त्रासदी का उल्लेख करते हुए बताया कि यूनियन कार्बाइड परिसर में जमा कचरे का सफल निष्पादन कराया जा चुका है। अब 87 एकड़ भूमि पर भव्य स्मारक, साइंस पार्क, कन्वेंशन सेंटर और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े आधुनिक अनुसंधान केंद्र स्थापित करने की योजना पर मार्गदर्शन लिया गया है। यह परियोजना प्रदेश की ऐतिहासिक स्मृति और वैज्ञानिक दृष्टिकोण दोनों को सशक्त करेगी।
स्वास्थ्य और कृषि दोनों पर फोकस
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की 8 लाख से अधिक बालिकाओं को नि:शुल्क टीका लगाया जाएगा। इसे बालिकाओं के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम बताया गया।
कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का ‘फूड बॉस्केट’ बनकर उभरा है। दलहन और तिलहन उत्पादन में प्रदेश अग्रणी है, जबकि गेहूं उत्पादन में दूसरा स्थान रखता है। सोयाबीन और मूंगफली के उत्पादन में भी राज्य (Mohan Yadav Agriculture Cabinet) अग्रणी है। प्राकृतिक खेती, बागवानी और खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देकर किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
जनजातीय परंपराओं को राजकीय सम्मान
मुख्यमंत्री ने बताया कि जनजातीय समाज के पारंपरिक भगोरिया पर्व को राजकीय पर्व का दर्जा दिया गया है। वे स्वयं आलीराजपुर जिले के उदयगढ़ में आयोजित उत्सव में शामिल हुए और अमर शहीद चंद्रशेखर की जन्मस्थली भाभरा में श्रद्धांजलि अर्पित की।
राज्य सरकार का फोकस स्पष्ट है – किसानों को उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन के हर स्तर पर सशक्त बनाना। बड़वानी में होने वाली कृषि कैबिनेट को इसी व्यापक कृषि सुधार अभियान का प्रारंभिक मंच माना जा रहा है, जहां से होली से पहले किसानों के हित में ठोस निर्णयों की घोषणा संभव है।

