भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच मुंबई के लोकभवन में महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक (Modi Macron Meeting) जारी है। दोनों नेताओं की मुलाकात को भारत–फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक के बाद कई अहम समझौतों की घोषणा हो सकती है। रक्षा क्षेत्र में 114 राफेल लड़ाकू विमानों की संभावित डील और ‘हैमर’ मिसाइल सिस्टम को लेकर भी अंतिम मुहर लगने की चर्चा है। भारत और फ्रांस के बीच मौजूदा रक्षा सहयोग समझौते को 10 वर्षों के लिए आगे बढ़ाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
राष्ट्रपति मैक्रों 17 से 19 फरवरी तक भारत की आधिकारिक (Modi Macron Meeting) यात्रा पर हैं। वे भारत की मेजबानी में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में भी हिस्सा लेंगे। यह उनकी भारत की चौथी और मुंबई की पहली आधिकारिक यात्रा है।
क्यों अहम है यह बैठक?
भारत और फ्रांस के बीच रक्षा, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में पहले से मजबूत सहयोग रहा है। मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा, सप्लाई चेन और उभरती तकनीकों पर साझेदारी को और गहरा करने पर जोर है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि 114 राफेल डील और अन्य रक्षा समझौते पर सहमति (Modi Macron Meeting) बनती है तो यह भारत की वायुसेना की ताकत में बड़ा इजाफा होगा और क्षेत्रीय संतुलन पर भी प्रभाव डालेगा।
