छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में सोमवार को एक नई पहल के तहत मिलेट कैफेटेरिया का शुभारंभ किया गया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कैफे का उद्घाटन करते हुए मिलेट्स से तैयार विभिन्न व्यंजनों का स्वाद लिया और इस पहल की सराहना की। विधानसभा परिसर में शुरू हुआ यह मिलेट कैफे (Millet Cafe In Assembly) देश के किसी भी विधानसभा परिसर में प्रारंभ होने वाला अपनी तरह का पहला कैफे माना जा रहा है।
इस मिलेट कैफे (Millet Cafe In Assembly) में मुख्य रूप से मोटे अनाज यानी मिलेट्स से बने व्यंजन और खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य पोषणयुक्त भोजन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय किसानों और महिला समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
साथी परियोजना के अंतर्गत संचालन
यह मिलेट कैफे (Millet Cafe In Assembly) ‘साथी परियोजना’ के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। राज्य शासन द्वारा इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर को लीड नोडल एजेंसी तथा राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम को सहायक एजेंसी नियुक्त किया गया है।
उद्घाटन कार्यक्रम में राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा, नोडल अधिकारी गजेंद्र चंद्राकर सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बेमेतरा विधायक ईश्वर साहू भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
महिला स्व-सहायता समूह को मिला संचालन का जिम्मा
इस मिलेट कैफे (Millet Cafe In Assembly) का संचालन क्षीर सागर स्व-सहायता समूह द्वारा किया जा रहा है। महिला समूहों को इस पहल से रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल न केवल पोषण सुरक्षा को मजबूत करेगी बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति देगी। मिलेट उत्पादों की मांग बढ़ने से स्थानीय किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा।
मिलेट जागरूकता को मिलेगा नया मंच
विधानसभा परिसर जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर कैफे शुरू होने से जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आगंतुकों के बीच मोटे अनाज के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। सरकार का लक्ष्य मिलेट्स को दैनिक आहार का हिस्सा बनाना और पारंपरिक खाद्यान्नों को आधुनिक जीवनशैली से जोड़ना है।
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार मिलेट्स फाइबर, मिनरल और प्रोटीन से भरपूर होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं। इसी उद्देश्य से मिलेट कैफे (Millet Cafe In Assembly) को राज्य में पोषण अभियान और कृषि नवाचार से भी जोड़ा जा रहा है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में देश का पहला मिलेट कैफे शुरू किया गया है, जहां मिलेट आधारित पौष्टिक व्यंजन उपलब्ध होंगे। साथी परियोजना के अंतर्गत संचालित इस कैफे का संचालन महिला स्व-सहायता समूह द्वारा किया जा रहा है, जिससे पोषण जागरूकता और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

