MGNREGA Controversy CG : ‘G RAM G’ पर गरमाई विधानसभा, स्थगन प्रस्ताव ठुकराया गया तो कांग्रेस का वॉकआउट, सदन में तीखी नोकझोंक

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मंगलवार का सत्र ‘G RAM G’ को लेकर राजनीतिक टकराव का केंद्र (MGNREGA Controversy CG) बन गया। मनरेगा के नाम और स्वरूप में बदलाव के विरोध में कांग्रेस ने शून्यकाल के दौरान स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा की मांग की, लेकिन आसंदी द्वारा प्रस्ताव अग्राह्य किए जाने के बाद विपक्ष ने नाराजगी जताते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिया।

शून्यकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुद्दा उठाते हुए कहा कि पहले की मनरेगा व्यवस्था ज्यादा प्रभावी थी और नए बदलाव गरीबों के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने इस पर तत्काल चर्चा कराने की मांग की, लेकिन उनकी मांग को स्वीकार नहीं किया गया।

सदन में बढ़ा तनाव, सत्ता-विपक्ष आमने-सामने

स्थगन प्रस्ताव को लेकर सदन में माहौल अचानक गर्म हो गया। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा किसी पार्टी की राजनीति का मंच नहीं, बल्कि जनता का मंच है, और समय की बर्बादी नहीं होनी चाहिए।

इस बयान के बाद पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू (MGNREGA Controversy CG) हो गई। दोनों तरफ से नारेबाजी हुई और सदन में कुछ देर के लिए हंगामे की स्थिति बन गई। हालात को देखते हुए आसंदी को कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

‘यह सिर्फ नीति नहीं, नियत का सवाल’ विपक्ष का आरोप

कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि यह मामला केवल योजना के नाम या स्वरूप का नहीं, बल्कि सरकार की मंशा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने इसे गरीबों से सीधे जुड़ा मुद्दा बताते हुए चर्चा की मांग दोहराई। वहीं कवासी लखमा सहित अन्य विपक्षी सदस्यों ने भी जोर देकर कहा कि इतने महत्वपूर्ण विषय पर सदन में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए।

अग्राह्य हुआ प्रस्ताव, विपक्ष ने किया बहिष्कार

हालांकि आसंदी ने स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया, जिससे नाराज विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक चर्चा से बचने की कोशिश बताते हुए विरोध (MGNREGA Controversy CG) दर्ज कराया। आखिरकार कांग्रेस और अन्य विपक्षी सदस्य सदन से बाहर निकल गए, जिससे दिनभर की कार्यवाही पर इस मुद्दे की छाया बनी रही।

सियासी संकेत क्या हैं?

इस घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में ‘G RAM G’ को लेकर प्रदेश की राजनीति और गरमा सकती है। विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है, जबकि सत्ता पक्ष इसे राजनीतिक रणनीति करार दे रहा है।

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