अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोन मेसी के भारत दौरे के दौरान कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम को लेकर बड़ा वित्तीय विवाद सामने आया है। बंगाल सरकार ने इस आयोजन के मुख्य आयोजक शतद्रु दत्ता पर 23 करोड़ रुपये के वित्तीय भ्रष्टाचार (Messi India Tour Scam) का गंभीर आरोप लगाया है।
रविवार को बिधाननगर महकमा अदालत में पेशी के बाद सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि टिकट बिक्री, इवेंट प्रबंधन और सप्लाई अनुबंधों में व्यापक अनियमितताओं के साक्ष्य मिले हैं। मामले की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) जांच कर रहा है।
सरकारी पक्ष के अनुसार, जांच के दौरान शतद्रु दत्ता के आवास पर छापेमारी की गई, जिसमें लगभग 22 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। यह संपत्ति कथित तौर पर मेसी के कोलकाता कार्यक्रम से जुड़े लेन-देन से संबंधित बताई जा रही है। जांच एजेंसियों का कहना है कि आयोजन से जुड़े कई फैसले बिना आवश्यक अनुमति के लिए गए, जिससे बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं हुईं।
सरकारी अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि हैदराबाद, मुंबई और दिल्ली में हुए मेसी के कार्यक्रमों में अनुभवी इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों की सेवाएं ली गई थीं, जबकि कोलकाता कार्यक्रम के लिए किसी पेशेवर एजेंसी की नियुक्ति नहीं की गई।
इवेंट मैनेजमेंट के लिए स्वीकृत 20 लाख रुपये आयोजक द्वारा अपने पास रखने का आरोप है। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह कदम कथित वित्तीय भ्रष्टाचार (Messi India Tour Scam) से जुड़ी अनियमितताओं का हिस्सा माना जा रहा है।
जांच में यह भी सामने आया है कि मेसी स्टेडियम में केवल लगभग 20 मिनट तक ही मौजूद रहे। आयोजन में अव्यवस्था और सुरक्षा घेराबंदी के कारण बड़ी संख्या में दर्शक उन्हें ठीक से नहीं देख पाए, जिससे नाराजगी फैल गई और स्टेडियम परिसर में तोड़फोड़ की स्थिति बनी। इसी कुप्रबंधन के मामले में शतद्रु दत्ता को पहले गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आयोजक ने सरकारी मंजूरी मिलने से पहले ही पेयजल और खाद्य सामग्री की आपूर्ति करने वाली संस्था से अनुबंध कर लिया था। दस्तावेजों में इस करार की राशि 40 लाख रुपये दर्शाई गई, जबकि वास्तविक रूप से इससे अधिक रकम नकद लेने के आरोप हैं।
इसके अलावा टिकट बिक्री को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं। करीब 34 हजार से अधिक टिकट चार हजार से 12 हजार रुपये की दर से बेचे गए, जिससे लगभग 19 करोड़ रुपये की आय हुई। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि इस राशि का पूरा हिसाब आधिकारिक रिकॉर्ड में क्यों नहीं मिला।
अदालत में भगवद गीता लेकर पहुंचे शतद्रु
रविवार को अदालत में पेशी के दौरान शतद्रु दत्ता हाथ में भगवद गीता लेकर पहुंचे। उनके अधिवक्ता ने दलील दी कि उनके मुवक्किल की भूमिका केवल मेसी को भारत लाने तक सीमित थी और आयोजन की अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी उन पर नहीं डाली जानी चाहिए। साथ ही यह भी कहा गया कि शतद्रु कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं, इसलिए उन्हें जमानत दी जाए।
सरकारी अधिवक्ता ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आरोपी प्रभावशाली है और जमानत मिलने पर जांच को प्रभावित कर सकता है। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने शतद्रु दत्ता की पुलिस हिरासत नौ जनवरी तक बढ़ा दी। जांच एजेंसियों का कहना है कि आने वाले दिनों में वित्तीय भ्रष्टाचार (Messi India Tour Scam) से जुड़े और तथ्य सामने आ सकते हैं।

