Memory Card Price Increase : AI का साइड इफेक्ट! अब पेन ड्राइव-मेमोरी कार्ड भी महंगे, जेब पर बढ़ा डिजिटल बोझ

टेक्नोलॉजी की दुनिया में तेजी से बढ़ रही AI की दौड़ अब आम लोगों की जेब पर असर डालने (Memory Card Price Increase) लगी है। स्मार्टफोन और लैपटॉप के बाद अब पेन ड्राइव और मेमोरी कार्ड की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिल रहा है, जिससे यूजर्स और छोटे कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।

आखिर क्यों बढ़ रहे हैं दाम?

दरअसल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल ने डेटा स्टोरेज की मांग को कई गुना बढ़ा दिया है। बड़े-बड़े डेटा सेंटर अब भारी मात्रा में हाई-परफॉर्मेंस मेमोरी चिप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे आम बाजार में सप्लाई कम हो गई है।

इसी कारण DRAM और NAND जैसे मेमोरी कंपोनेंट्स की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं, जिसका सीधा असर पेन ड्राइव और मेमोरी कार्ड पर दिख रहा है।

हर हफ्ते बदल रहे रेट, बाजार में अस्थिरता

इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों में पेन ड्राइव और मेमोरी कार्ड की कीमतों में अचानक (Memory Card Price Increase) तेजी आई है। जहां कुछ महीने पहले 32GB पेन ड्राइव 200 रुपये के आसपास मिल रही थी, वहीं अब इसकी कीमत 350 रुपये के करीब पहुंच गई है। इसी तरह 64GB स्टोरेज भी तेजी से महंगा हुआ है।

AI कंपनियों ने बढ़ाया दबाव

टेक इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि बड़ी टेक कंपनियां-जैसे Microsoft, Google, Meta और Amazon-अब भारी मात्रा में मेमोरी चिप्स (Memory Card Price Increase) खरीद रही हैं। इस वजह से मेमोरी बनाने वाली कंपनियां जैसे Samsung Electronics, SK Hynix और Micron Technology अपनी सप्लाई का बड़ा हिस्सा डेटा सेंटर की ओर मोड़ रही हैं।

आने वाले महीनों में और बढ़ सकते हैं दाम

मार्केट रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेमोरी चिप की कमी 2027 तक बनी रह सकती है। ऐसे में आने वाले समय में स्टोरेज डिवाइसेज की कीमतों में और बढ़ोतरी से इनकार नहीं किया जा सकता।

फोटोग्राफी और छोटे कारोबार पर असर

शादी और इवेंट सीजन में पेन ड्राइव और मेमोरी कार्ड की मांग (Memory Card Price Increase) बढ़ जाती है। ऐसे में बढ़ती कीमतों ने फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर के खर्च को भी बढ़ा दिया है, जिसका असर उनके काम और कमाई दोनों पर पड़ सकता है।

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