हिमाचल प्रदेश के नगर निगम पालमपुर के तहत लोहारल गांव में एक चौंकाने वाला मामला (Medical Negligence Case Palampur) सामने आया है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा में चिकित्सकों ने एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद परिवारजन शव को घर ले आए।
अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं, लेकिन इसी दौरान मृत समझे जा चुके व्यक्ति ने अचानक आंखें खोल दीं। हालांकि लगभग पांच घंटे बाद उसकी फिर मृत्यु हो गई। अब अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जांच करवाने का फैसला किया है।
54 वर्षीय मिलाप चंद, जो लोक निर्माण विभाग में कार्यरत थे, शुक्रवार को अचानक अस्वस्थ होने पर उन्हें टांडा अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया। शोक में डूबा परिवार शव लेकर गांव पहुंचा और अंतिम संस्कार की तैयारियों में लग गया।
करीब साढ़े चार बजे जब परिवार की महिला सदस्य शव के पास पहुंची, तो उन्होंने देखा कि मृतक की आंखें खुली हुई थीं। परंपरा के अनुसार आंखें बंद करने का प्रयास किया गया तो मिलाप चंद ने दो बार पलकें झपकाईं। परिजन स्तब्ध रह गए और तुरंत पानी पिलाने की कोशिश की, जिसके बाद थोड़ी देर तक उसकी सांसें चलती रहीं। लेकिन लगभग पांच घंटे पश्चात रात में उनका फिर निधन हो गया और रविवार को अंतिम संस्कार किया गया।
सूत्रों के अनुसार मिलाप चंद पिछले कुछ महीनों से बीमार चल रहे थे और ढाई माह पूर्व उनका प्रोस्टेट ऑपरेशन (Medical Negligence Case Palampur) किया गया था। अब टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल प्रबंधन इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच करेगा कि क्या चिकित्सकीय लापरवाही या क्लिनिकल मूल्यांकन में त्रुटि हुई। मामले ने स्थानीय क्षेत्र व स्वास्थ्य तंत्र में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

