5 नए मेडिकल कॉलेज शुरू होंगे, स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को मिलेगा नया विस्तार
छत्तीसगढ़ के बजट 2026-27 में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र को बड़ी मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण (MBBS Seats Increase Chhattisgarh) फैसले किए गए हैं। प्रदेश में शासकीय मेडिकल कॉलेजों की संख्या 10 से बढ़ाकर 15 करने का निर्णय लिया गया है,
जिससे एमबीबीएस सीटों की कुल संख्या बढ़कर 2,330 हो जाएगी। इस विस्तार का उद्देश्य प्रदेश में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाना और ग्रामीण तथा दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करना है।
बजट में दंतेवाड़ा, मनेंद्रगढ़, कवर्धा, जांजगीर-चांपा और कुनकुरी में नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने का प्रावधान किया गया है। इनमें से कुनकुरी, मनेंद्रगढ़ और दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने के लिए 50 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इन संस्थानों के शुरू होने से स्थानीय विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे और प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।
राज्य सरकार ने शासकीय कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए कैशलेस इलाज की सुविधा लागू करने की घोषणा भी की है। इस व्यवस्था के तहत अधिकृत अस्पतालों में कर्मचारियों को इलाज के लिए अग्रिम भुगतान (MBBS Seats Increase Chhattisgarh) नहीं करना होगा, बल्कि उपचार का खर्च सीधे सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इस योजना से लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों को त्वरित और सुलभ चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान योजना हेतु 1500 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
अंबिकापुर, धमतरी और चिरमिरी में नए जिला अस्पताल भवनों का निर्माण तथा विभिन्न जिलों में नर्सिंग कॉलेज और जीएनएम प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना से चिकित्सा अधोसंरचना को मजबूत किया जाएगा। राजनांदगांव में फिजियोथेरेपी कॉलेज और रायपुर में उन्नत कार्डियक इंस्टीट्यूट की स्थापना से विशेषज्ञ उपचार सुविधाओं का विस्तार होगा।
प्रदेश में 25 डायलिसिस केंद्र और 50 जन औषधि केंद्र स्थापित किए जाएंगे, वहीं प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के भवन निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच (MBBS Seats Increase Chhattisgarh) बढ़ेगी। बिलासपुर में राज्य कैंसर संस्थान और रायपुर में पहले होम्योपैथी कॉलेज की स्थापना चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगी।
इन प्रावधानों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य अधोसंरचना और कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में आधुनिक और सुलभ स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

