सुकमा जिले के मेटागुड़ा इलाके में जवानों ने सर्चिंग अभियान के दौरान माओवादियों द्वारा छुपाए गए हथियारों और विस्फोटक सामग्री का जखीरा बरामद किया है। ये हथियार माओवादियों ने जवानों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से जंगल में छुपाकर रखे थे। इस कार्रवाई को (Maoist Weapon Cache) के रूप में सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
पिछले दो वर्षों से लगातार माओवादियों पर दबाव बनाया जा रहा है, जिसके चलते आए दिन जवानों को अहम सफलताएं मिल रही हैं। इसी कड़ी में मेटागुड़ा क्षेत्र में हुई यह कार्रवाई (Maoist Weapon Cache) को उजागर करती है। सभी बरामद हथियारों और विस्फोटक सामग्री को सुरक्षित रूप से कैंप लाया गया।
खबर की पुष्टि करते हुए एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि माओवादियों के पास अब एकमात्र विकल्प आत्मसमर्पण ही बचा है। उन्होंने कहा कि (Maoist Weapon Cache) जैसे मामलों से यह साफ हो गया है कि माओवादी संगठन लगातार कमजोर पड़ रहा है।
जानकारी के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली थी कि मेटागुड़ा कैंप से कुछ ही दूरी पर स्थित बोटेतोंग के जंगल में माओवादियों द्वारा हथियार डंप किया गया है। ये हथियार जवानों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से रखे गए थे, लेकिन जवानों ने समय रहते उनकी मंशा पर पानी फेरते हुए (Maoist Weapon Cache) से जुड़ा पूरा जखीरा बरामद कर लिया।
इस सर्चिंग अभियान में कोबरा 203, 131 सीआरपीएफ बटालियन और जिला बल के जवान शामिल थे। अभियान के दौरान इलाके की गहन तलाशी ली गई, जिसमें भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद हुए। एसपी किरण चव्हाण ने कहा कि (Maoist Weapon Cache) जैसी कार्रवाइयों से क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उन्होंने माओवादियों से अपील की कि वे हिंसा का रास्ता छोड़ समाज की मुख्यधारा से जुड़ जाएं।
ये सामग्री हुई बरामद
बरामद सामग्री में एयर गन – 02 नग (एक का बट टूटा हुआ), बट प्लेट – 02 नग, राइफल बोल्ट – 01 नग, इलेक्ट्रिक डेटोनेटर – 01 नग, IED स्टील कंटेनर (क्षमता 5 लीटर एवं 3 लीटर) – 02 नग, IED स्प्लिंटर्स – 02 किलोग्राम, BGL टेल (विस्फोटित) – 01 नग, BGL हेड – 07 नग, BGL टेल कैप – 26 नग, स्टील रॉड (2 फीट) – 01 नग, पीतल की रॉड (विभिन्न माप) – 06 नग, स्क्रू (1 इंच) – 02 किलोग्राम, स्पाइक रॉड – 40 नग तथा BGL बनाने हेतु सिलिंड्रिकल पाइप और दवाइयां शामिल हैं।

