राजनांदगांव में पद्मश्री सम्मानित फुलबासन बाई के अपहरण की कोशिश का मामला अब राजनीतिक रंग पकड़ता (Kidnapping Case) जा रहा है। घटना सामने आने के बाद प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने इस मामले को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
राजधानी रायपुर में भी इस घटना को लेकर राजनीतिक हलचल बनी रही। कांग्रेस का कहना है कि जब समाज सेवा के लिए राष्ट्रीय सम्मान पाने वाली महिला सुरक्षित नहीं है, तो आम महिलाओं की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। मामले को लेकर सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए हैं।
कांग्रेस ने गृहमंत्री से मांगा इस्तीफा (Kidnapping Case)
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने इस मामले में गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और हालात चिंताजनक बने हुए हैं। उनका कहना है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में हजारों दुष्कर्म के मामले सामने आए हैं और प्रदेश में कानून व्यवस्था कमजोर होती दिखाई दे रही है।
महिलाओं की सुरक्षा पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नाबालिग बच्चियों और आदिवासी इलाकों में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं। आश्रम स्कूलों में भी गंभीर घटनाएं सामने आने की बात कही गई। उन्होंने कहा कि कई मामलों में पीड़ित कार्रवाई की उम्मीद लेकर थाने पहुंचते हैं, लेकिन वहां उन्हें डराया धमकाया जाता है। इससे लोगों का भरोसा व्यवस्था से कमजोर हो रहा है।
सरकार पर लापरवाही का आरोप (Kidnapping Case)
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही। उन्होंने आरोप लगाया कि जिम्मेदार लोग दूसरे कार्यक्रमों और राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त रहे जबकि अपराधी खुलेआम वारदात कर रहे हैं। कांग्रेस ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की है।
नशे के कारोबार पर भी हमला
कांग्रेस ने प्रदेश में बढ़ते अवैध नशे के कारोबार को लेकर भी सरकार को घेरा। आरोप लगाया गया कि नशे की वजह से अपराध बढ़ रहे हैं और युवाओं पर इसका गलत असर पड़ रहा है। कोकीन, ड्रग्स और नशे की दवाओं की खुलेआम बिक्री जैसे आरोप भी लगाए गए।
जानिए पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक बेमेतरा निवासी खुशबू साहू अपने तीन साथियों के साथ मंगलवार सुबह फुलबासन (Kidnapping Case) बाई के घर पहुंची थी। जरूरी चर्चा और जन्मदिन मनाने की बात कहकर उन्हें कार में बैठाया गया। आरोप है कि कार आगे बढ़ते ही उनके हाथ पैर बांध दिए गए और मुंह पर कपड़ा लपेट दिया गया। आरोपी खैरागढ़ की तरफ भागने की कोशिश कर रहे थे।
पुलिस चेकिंग में खुला मामला
चिखली पुलिस चौकी के पास रूटीन चेकिंग के दौरान पुलिस ने शक होने पर कार रोकी। आरोपियों ने महिला को मिर्गी आने की बात कही, लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मी ने फुलबासन बाई को पहचान लिया। इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जांच जारी है।
