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Khamenei Compound Strike : अमेरिका–इज़रायल ने खामेनेई को कैसे बनाया निशाना? क्या है पूरे ऑपरेशन का दावा

Khamenei Compound Strike

Khamenei Compound Strike

पश्चिम एशिया में जारी भीषण तनाव के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत को लेकर बड़े दावे (Khamenei Compound Strike) सामने आए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि तेहरान स्थित उनके कंपाउंड पर बड़े पैमाने पर हवाई हमला किया गया, जिसमें कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी मारे गए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय पुष्टि अभी तक स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है।

कैसे हुआ कथित हमला?

रिपोर्ट्स के अनुसार, इज़रायल ने शनिवार सुबह तेहरान में स्थित खामेनेई के आवासीय परिसर और उससे जुड़े कार्यालयों को निशाना बनाया। दावा किया गया कि परिसर पर एक साथ कई बंकर-बस्टर बम गिराए गए। हमले के समय उच्चस्तरीय बैठक चलने की बात कही जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी और इज़रायली खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली थी कि एक ही समय पर ईरान के शीर्ष नेतृत्व की बैठकें हो रही हैं। इसी आधार पर दिन के उजाले में कार्रवाई की गई।

किन-किन के मारे जाने का दावा?

रिपोर्ट्स में ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अली शामखानी, इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के वरिष्ठ कमांडर मोहम्मद पाकपोर और रक्षा मंत्री अमीर नसीरजादेह सहित कई उच्च अधिकारियों के मारे जाने का दावा (Khamenei Compound Strike) किया गया है। कुछ सूचियों में सात वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं। हालांकि, इन सभी नामों की आधिकारिक पुष्टि ईरानी सरकार की ओर से स्पष्ट रूप से सार्वजनिक नहीं की गई है।

500 ठिकानों पर हमले का दावा

रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि इज़रायल ने लगभग 200 लड़ाकू विमानों के जरिए 500 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया। इसे इज़रायल के इतिहास के सबसे बड़े हवाई अभियानों में से एक बताया जा रहा है। साइबर मोर्चे पर भी कथित तौर पर ईरानी संचार तंत्र और कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को निशाना बनाए जाने की बात कही गई है।

क्षेत्र में बढ़ती अनिश्चितता

घटनाक्रम के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में हाई अलर्ट की स्थिति (Khamenei Compound Strike) है। कई देशों ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय तनाव कम करने की अपील कर रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये दावे सही साबित होते हैं तो यह क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर गहरा असर डाल सकता है। फिलहाल आधिकारिक बयानों और स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।

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