जांच शुरू हुई तो किसी को अंदाजा नहीं था कि आंकड़े इतने बड़े सवाल खड़े कर देंगे। फाइलें खुलीं, रिकॉर्ड खंगाले गए और धीरे-धीरे एक ऐसा सच सामने आया, जिसने शिक्षा विभाग से लेकर प्रशासन तक को कटघरे में ला खड़ा किया।
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय से जुड़ा एक गंभीर वित्तीय मामला (Kawardha BEO Scam) सामने आया है। कवर्धा स्थित BEO कार्यालय के जिला कोषालय से पिछले चार वर्षों के भीतर करीब 218 करोड़ रुपये की निकासी का लेखा-जोखा नहीं मिल पाया है। यह मामला तब उजागर हुआ, जब कार्यालय का नियमित ऑडिट किया गया और दस्तावेजों की जांच में बड़ी खामियां सामने आईं।
जानकारी के अनुसार, BEO कार्यालय कवर्धा से अक्टूबर 2022 से अक्टूबर 2025 के बीच कुल 2 अरब 18 करोड़ 4 लाख 87 हजार 344 रुपये निकाले गए। ऑडिट के दौरान कैश बुक, बिल रजिस्टर, भुगतान वाउचर, BTR समेत कई जरूरी अभिलेख कार्यालय में उपलब्ध नहीं पाए गए। इसके बाद ई-कोष ट्रेजरी सॉफ्टवेयर के माध्यम से निकासी का विवरण निकाला गया, जिसमें करोड़ों रुपये के भुगतान दर्ज मिले, लेकिन उनका उपयोग स्पष्ट नहीं हो सका।
ऑडिट रिपोर्ट में सामने आया कि अक्टूबर 2022 से मार्च 2023 के बीच लगभग 27 करोड़ रुपये से अधिक की राशि निकाली (Kawardha BEO Scam) गई। इसके बाद अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के दौरान 67 करोड़ से ज्यादा, अप्रैल 2024 से मार्च 2025 के बीच 73 करोड़ से अधिक और अप्रैल 2025 से अक्टूबर 2025 तक करीब 49 करोड़ रुपये की निकासी दर्ज है। इन सभी भुगतानों से जुड़े दस्तावेज ऑडिट टीम को नहीं मिल सके।
जिला शिक्षा अधिकारी एफ.आर. वर्मा ने ऑडिट में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि की है। उनके अनुसार, तत्कालीन BEO संजय जायसवाल से स्पष्टीकरण मांगा गया है और जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय (Kawardha BEO Scam) की जाएगी। साथ ही, कार्यालय को कैश बुक और अन्य रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है।

