झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2025 को लेकर उम्र सीमा विवाद पर राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण (JPSC Cutoff Date Change) निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि 14वीं JPSC परीक्षा के लिए निर्धारित कट-ऑफ डेट को संशोधित कर दिया गया है। पहले यह तिथि 01 अगस्त 2026 निर्धारित थी, जिसे अब घटाकर वर्ष 2022 कर दिया गया है। इस फैसले से उन हजारों अभ्यर्थियों को राहत मिली है, जो उम्र सीमा के कारण पात्रता से बाहर हो रहे थे।
दरअसल, कट-ऑफ डेट को लेकर लंबे समय से अभ्यर्थियों के बीच असंतोष बना हुआ था। उनका कहना था कि आयोग की परीक्षा प्रक्रिया में देरी और अनियमितताओं के कारण कई उम्मीदवार उम्र सीमा पार कर चुके हैं, जिससे वे परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो रहे थे। यह मुद्दा केवल अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विधानसभा के भीतर भी जोरदार तरीके से उठाया गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के विधायकों ने सरकार से इस पर पुनर्विचार करने की मांग की थी।
विधानसभा में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए विधायक प्रदीप यादव ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया था कि अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान (JPSC Cutoff Date Change) में रखते हुए कट-ऑफ तिथि की समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा में देरी का खामियाजा उम्मीदवारों को नहीं भुगतना चाहिए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सदन में हस्तक्षेप करते हुए कट-ऑफ डेट में संशोधन की घोषणा की, जिसे अभ्यर्थियों के हित में लिया गया सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
यह मामला न्यायालय तक भी पहुंचा था, जहां बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने उम्र सीमा को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत देते हुए आयोग को निर्देश दिया था कि याचिका दायर करने वाले अभ्यर्थियों को ऑफलाइन आवेदन करने की अनुमति दी जाए। इस आदेश के बाद सरकार और आयोग पर निर्णय लेने का दबाव बढ़ गया था।
जानकारी के अनुसार, इस मुद्दे को लेकर 200 से अधिक अभ्यर्थियों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। उनका तर्क था कि आयोग द्वारा समय पर परीक्षाएं आयोजित नहीं किए जाने से उनकी आयु सीमा प्रभावित हुई है, जो उनके भविष्य के साथ अन्याय के समान है। अभ्यर्थियों की मांग थी कि कट-ऑफ तिथि को पूर्व की स्थिति के अनुरूप संशोधित किया जाए, ताकि योग्य उम्मीदवारों को अवसर मिल सके।
सरकार के इस निर्णय को प्रशासनिक संवेदनशीलता और अभ्यर्थियों के हितों को प्राथमिकता देने के रूप में देखा (JPSC Cutoff Date Change) जा रहा है। कट-ऑफ तिथि में संशोधन से अब बड़ी संख्या में वे उम्मीदवार भी पात्र हो सकेंगे, जो पहले उम्र सीमा के कारण आवेदन नहीं कर पा रहे थे। यह फैसला आगामी भर्ती प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और अवसर की समानता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

