हर घर तक नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचाने जल जीवन मिशन के कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश
रायपुर। जल संरक्षण केवल वर्तमान की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा विषय है। प्रदेश में जल की प्रत्येक बूंद के संरक्षण और हर परिवार को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लक्ष्य के साथ राज्य सरकार जल संचय और जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जल संसाधन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को यह निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने जल संचय जनभागीदारी अभियान (Jan Bhagidari Campaign) की जिलेवार प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि जल संरक्षण के कार्यों की नियमित निगरानी (Monitoring) की जाए। निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के साथ भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालीन जल सुरक्षा की दिशा में काम किया जाए।
बेहतर जिलों की कार्यप्रणाली दूसरे जिलों में लागू हो
साय ने कहा कि जल संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाया जाना चाहिए। वर्ष 2025-26 में कई जिलों ने जल संचय जनभागीदारी अभियान में उल्लेखनीय कार्य किया है। अब सभी जिलों को निर्धारित लक्ष्य से आगे बढ़कर बेहतर परिणाम हासिल करने का प्रयास करना होगा।
मुख्यमंत्री ने प्रस्तुतीकरण (Presentation) के माध्यम से अभियान की जिलेवार प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कोरिया, धमतरी और राजनांदगांव सहित अन्य जिलों में किए गए जल संरक्षण कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों के अनुभव और कार्यप्रणाली का लाभ अन्य जिलों को भी मिलना चाहिए, ताकि पूरे प्रदेश में जल संरक्षण के प्रयासों को समान गति मिल सके।
जल संसाधन विभाग के सचिव आर.एस. टोप्पो ने बताया कि जल संचय जनभागीदारी अभियान में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी है। सभी जिलों को इस वर्ष निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के साथ उससे बेहतर प्रदर्शन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से समझौता नहीं
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के तहत सभी जिलों के अधिसूचित नक्शे तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। अभियान की मुख्य सचिव स्तर पर नियमित समीक्षा होगी। प्रत्येक जिले में जल संरक्षण से जुड़े कार्यों की सतत निगरानी की जाए और कमियां सामने आने पर तत्काल दूर किया जाए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं।
हर घर तक नल से स्वच्छ जल पहुंचाना लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस मिशन का उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। प्रदेश के हर घर में पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है।
साय ने कहा कि जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को अब मिशन मोड (Mission Mode) में आगे बढ़ाया जाए। सभी कलेक्टर अपने जिलों में इसकी नियमित समीक्षा करें। प्रशासनिक, तकनीकी या क्रियान्वयन संबंधी बाधाओं का तत्काल समाधान कर कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे कराए जाएं।
उन्होंने कहा कि केवल अधोसंरचना तैयार करना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि योजनाओं का वास्तविक लाभ परिवारों तक पहुंचे और लोगों को नियमित स्वच्छ पेयजल मिले। इसके लिए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय किया जाए।
पूर्ण कार्यों का भुगतान समय पर करें
मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के तहत पूर्ण हो चुके कार्यों के भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्धारित मापदंड और गुणवत्ता के अनुरूप पूर्ण हो चुके कार्यों का भुगतान अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। जिला स्तर पर मिशन की नियमित समीक्षा कर समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए।
हर जिले की प्राथमिकता बने जल सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को जल संरक्षण और हर घर तक नल से पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। स्थानीय परिस्थितियों और जल उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने तथा जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने कहा।
साय ने कहा कि जल संचय जनभागीदारी अभियान और जल जीवन मिशन सीधे आम नागरिकों के जीवन से जुड़े हैं। इनके प्रभावी क्रियान्वयन से वर्तमान में लोगों को बेहतर पेयजल सुविधा मिलेगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा की मजबूत नींव तैयार होगी। छत्तीसगढ़ के पास जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के सामने उदाहरण प्रस्तुत करने का अवसर है। इसके लिए शासन-प्रशासन के साथ जनभागीदारी को और मजबूत करना होगा। बैठक में मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव पी. दयानंद, जल संसाधन विभाग के सचिव आर.एस. टोप्पो, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव अब्दुल कैसर हक, विशेष सचिव रजत बंसल, संयुक्त सचिव प्रभात मलिक सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
