देशभर में इन दिनों धार्मिक यात्राओं को लेकर श्रद्धालुओं के बीच विशेष उत्साह दिखाई (Jagannath Rath Yatra) दे रहा है। विभिन्न राज्यों में होने वाले बड़े आध्यात्मिक आयोजनों की तैयारियां तेज हो गई हैं और लाखों श्रद्धालु इन पवित्र यात्राओं में शामिल होने की योजना बना रहे हैं। प्रशासन भी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।
एक ओर पर्वतीय क्षेत्रों की कठिन धार्मिक यात्राओं के लिए पंजीयन और सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मंदिरों और तीर्थस्थलों में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। धार्मिक पर्यटन से जुड़े क्षेत्रों में भी चहल पहल बढ़ने लगी है।
16 जुलाई से शुरू होगी Jagannath Rath Yatra
ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा 16 जुलाई से शुरू होने जा रही है। इस ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध आयोजन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए पुरी पहुंचते हैं। सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन विशेष इंतजाम कर रहा है।
किन्नौर कैलाश यात्रा के लिए जारी हुए दिशा निर्देश
हिमालय की दुर्गम धार्मिक यात्राओं में शामिल किन्नौर कैलाश यात्रा इस वर्ष 1 जुलाई से 30 जुलाई तक आयोजित की जाएगी। करीब 19 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित इस कठिन यात्रा के लिए प्रशासन ने आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं। यात्रियों को स्वास्थ्य जांच, पंजीयन और सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा।
चारधाम यात्रा में उमड़ रही श्रद्धा
उत्तराखंड में जारी चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब तक 36 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इनमें सबसे अधिक 13 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन किए हैं। यात्रा मार्गों पर व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
छत्तीसगढ़ में भी बढ़ी धार्मिक गतिविधियां
छत्तीसगढ़ में भी धार्मिक आयोजनों और मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ (Jagannath Rath Yatra) रही है। राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों जैसे डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी धाम, दंतेवाड़ा की मां दंतेश्वरी शक्तिपीठ, रतनपुर महामाया मंदिर और चंद्रखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
सावन और आगामी पर्वों को देखते हुए कई मंदिर समितियों और प्रशासन द्वारा विशेष तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।
पर्यटन और कारोबार को भी मिलेगा लाभ
बड़ी धार्मिक यात्राओं और आयोजनों से स्थानीय पर्यटन, होटल व्यवसाय, परिवहन और छोटे व्यापारियों को भी फायदा मिलने (Jagannath Rath Yatra) की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में देश के प्रमुख तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ सकती है, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।
