मिडिल ईस्ट में जारी भीषण जंग अब एक ऐसे खतरनाक मोड़ पर पहुँच (Iran-US War 2026) गई है जहाँ महाशक्तियों के बीच सीधा टकराव शुरू हो चुका है। रविवार को ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर’ (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने इस्फहान परमाणु केंद्र के पास अमेरिकी सेना के एक और महत्वपूर्ण C-130 सपोर्ट एयरक्राफ्ट को मार गिराया है।
बीते 36 घंटों के भीतर अमेरिकी वायुसेना के लिए यह एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि ईरान लगातार आधुनिक अमेरिकी लड़ाकू विमानों को निशाना बनाने का दावा कर रहा है।
इस्फहान पर 5वीं बार हमला (Iran-US War 2026)
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा निगरानी एजेंसी (IAEA) की अपीलों को दरकिनार करते हुए, अमेरिका और इजरायल ने रविवार को पांचवीं बार ईरान के संवेदनशील इस्फहान परमाणु केंद्र को निशाना बनाया। ईरान के ‘कानून प्रवर्तन कमांड’ (Faraza) के अनुसार, उनके विशेष बलों की भारी गोलाबारी ने अमेरिकी C-130 विमान को आसमान में ही ध्वस्त कर दिया।
इससे कुछ ही समय पहले इसी क्षेत्र में अमेरिका के एक MQ-9 रीपर ड्रोन को भी मार गिराने की खबर (Iran-US War 2026) आई थी। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि इन हमलों से पूरे क्षेत्र में रेडियोएक्टिव विकिरण (Radiation) फैल सकता है, जिससे सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों में जीवन समाप्त होने का खतरा है।
36 घंटों में अमेरिका को भारी चोट
युद्ध के मैदान से आ रही रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले डेढ़ दिन के भीतर अमेरिकी सेना को अपूरणीय (Iran-US War 2026) क्षति हुई है। ईरानी न्यूज़ एजेंसी (IRNA) के दावों के अनुसार, अब तक अमेरिका के एक F-35 स्टील्थ फाइटर, दो F-15, एक F-16 और एक A-10 एयरक्राफ्ट कैरियर समेत कई सैन्य हेलीकॉप्टर और क्रूज मिसाइलों को नष्ट किया जा चुका है।
इन झड़पों के दौरान अमेरिका के दो पायलटों को विमान से इजेक्ट करना पड़ा था, जिनमें से लापता हुए दूसरे पायलट को अमेरिकी रेस्क्यू टीम ने आज सुरक्षित खोज निकाला है।
