भारत ने नौसेना के 24 सी–हॉक (एमएच-60आर) हेलीकाप्टरों के रखरखाव के लिए अमेरिका (Indian Navy Maintenance Agreement) के साथ ( MH-60R Helicopter Deal India-US ) के तहत पांच वर्ष की अवधि के लिए 7,995 करोड़ रुपये का महत्वपूर्ण समझौता किया है। यह “फॉलो–ऑन सपोर्ट पैकेज” दोनों देशों के बीच रणनीतिक रक्षा सहयोग का एक और बड़ा कदम माना जा रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय सामानों पर 50% शुल्क लगाए जाने के बाद संबंधों में आए तनाव के बीच इस समझौते ने रक्षा साझेदारी को मजबूती दी है। रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को बयान जारी कर बताया कि एमएच-60आर हेलीकाप्टर, जिन्हें अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन तैयार करती है, अत्याधुनिक एवियोनिक्स और सेंसर से लैस हैं। ये रात में भी ऑपरेशन करने में सक्षम हैं और पनडुब्बीरोधी युद्ध (ASW) के लिए अत्यंत प्रभावी माने जाते हैं।
भारत ने 2020 में अमेरिका के साथ 24 एमएच-60आर हेलीकाप्टर खरीदने का समझौता ( Indian Navy Maintenance Agreement) किया था। पहले तीन हेलीकाप्टर 2021 में भारत को मिल गए थे। यह सी–हॉक, असल में ब्लैकहॉक हेलीकाप्टर का समुद्री संस्करण है, जो भारतीय नौसेना की आधुनिक क्षमताओं में महत्वपूर्ण वृद्धि करता है।
रक्षा मंत्रालय की जानकारी के अनुसार रखरखाव समझौते में पुर्ज़ों की आपूर्ति, सहायक उपकरण, तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण, मरम्मत और स्पेयर पार्ट्स की पुनःपूर्ति जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। इसके साथ ही भारत में ही हेलीकाप्टरों के मध्यम स्तर के रखरखाव और मरम्मत के लिए समय–समय पर निरीक्षण क्षमता विकसित की जाएगी। यह प्रावधान दीर्घकाल में आत्मनिर्भर भारत मिशन को मजबूत करेगा और अमेरिका पर निर्भरता कम करेगा।
मंत्रालय का कहना है कि इस ( Follow-On Support Package ) के तहत मिलने वाली सुविधाओं से भारतीय MSME और स्वदेशी रक्षा कंपनियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा, क्योंकि रखरखाव एवं मरम्मत कार्यों में स्थानीय स्तर पर तकनीकी क्षमता का विस्तार होगा। इससे नौसेना के आधुनिक बेड़े की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता न केवल रणनीतिक दृष्टि से अहम है बल्कि भारत–अमेरिका रक्षा संबंधों को नए आयाम देने वाला कदम भी है।

