रिपोर्टर : साहिल राज लहरे
जांजगीर चांपा जिले के विकासखंड बम्हनीडीह के ग्राम सोठी में अवैध रेत भंडारण (Illegal Sand Mining Bamhnidih) के खिलाफ प्रशासन द्वारा की गई बड़ी कार्रवाई के बाद भी क्षेत्र में अवैध रेत कारोबार थमता नजर नहीं आ रहा है। हाल ही में संयुक्त जांच टीम ने 450 घन मीटर अवैध रेत जब्त कर कार्रवाई की थी, वहीं अवैध परिवहन में लगे ट्रैक्टर पर भी वैधानिक कार्रवाई की गई थी। इसके बावजूद ग्रामीणों का आरोप है कि रात के समय फिर से अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण का सिलसिला शुरू हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक कार्रवाई के बाद कुछ दिनों तक रेत कारोबारियों की गतिविधियां धीमी पड़ जाती हैं, लेकिन समय बीतने के साथ वे फिर सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे में कार्रवाई की प्रभावशीलता और निगरानी तंत्र को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
रात होते ही सड़कों पर दौड़ने लगते हैं रेत से भरे ट्रैक्टर
स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र के कई मार्गों पर देर रात रेत से लदे ट्रैक्टरों की आवाजाही लगातार देखी जा रही है। आरोप है कि अंधेरे का फायदा उठाकर रेत माफिया अवैध उत्खनन और परिवहन को अंजाम दे रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि दिन के समय प्रशासनिक सख्ती दिखाई देती है, लेकिन रात में निगरानी कमजोर पड़ जाती है, जिसका फायदा उठाकर अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा है। इससे क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को लेकर चिंता बढ़ रही है।
कार्रवाई के बाद भी नहीं दिख रहा खौफ
क्षेत्रवासियों का कहना है कि लगातार जब्ती और वैधानिक कार्रवाई के बावजूद अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में अपेक्षित डर दिखाई नहीं दे रहा है। चर्चा है कि कुछ कारोबारी नए तरीके अपनाकर अपना काम जारी रखे हुए हैं।
लोगों का मानना है कि यदि नियमित और प्रभावी निगरानी की जाए तो अवैध गतिविधियों पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। फिलहाल कार्रवाई के बावजूद रेत कारोबारियों के हौसले पूरी तरह पस्त होते नजर नहीं आ रहे हैं।
रात्रिकालीन निगरानी बढ़ाने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील रेत घाटों और परिवहन मार्गों पर विशेष रात्रिकालीन अभियान चलाया जाए। उनका कहना है कि केवल भंडारण स्थलों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण की पूरी श्रृंखला पर एक साथ सख्त कार्रवाई जरूरी है।
ग्रामीणों का कहना है कि इससे शासन को होने वाले राजस्व नुकसान को रोका जा सकेगा और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा। क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से लगातार निगरानी और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है ताकि अवैध रेत कारोबार पर स्थायी रूप से अंकुश लगाया जा सके।
