IGKV Raipur: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय का कद बढ़ा, ‘ए’ ग्रेड के साथ मिली अधिमान्यता

शिक्षण, अनुसंधान और कृषि प्रसार में बेहतर प्रदर्शन का मिला लाभ, 2019 में मिला था ‘बी’ ग्रेड

IGKV Raipur: रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने कृषि शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय कृषि शिक्षा अधिमान्यता बोर्ड ने विश्वविद्यालय को ‘ए’ ग्रेड प्रदान किया है। विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित विभिन्न महाविद्यालयों और स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध कार्यक्रमों को भी मार्च 2024 से मार्च 2029 तक की अवधि के लिए अधिमान्यता दी गई है। वर्ष 2019 में विश्वविद्यालय को ‘बी’ ग्रेड मिला था।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से हाल में जारी अधिमान्यता सूची में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को देश के उत्कृष्ट कृषि विश्वविद्यालयों में स्थान मिला है। विश्वविद्यालय को पिछले चार वर्षों में शिक्षण, अनुसंधान और कृषि प्रसार के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के आधार पर यह उपलब्धि हासिल हुई है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल और विश्वविद्यालय के सभी सहयोगियों को बधाई दी है।

प्लेसमेंट और शोध को मिलेगा फायदा

विश्वविद्यालय को ‘ए’ ग्रेड मिलने से अधोसंरचना विकास और शिक्षण-शोध गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी। नवीन शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालयों के प्रदर्शन और ग्रेड के आधार पर महाविद्यालय भवन, छात्रावास, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, खेल मैदान सहित अन्य सुविधाओं के विकास तथा शिक्षण एवं शोध कार्यक्रमों के लिए वित्तीय सहायता का प्रावधान है।

अधिमान्यता के लिए शिक्षण व्यवस्था, अधोसंरचना, शोध एवं अनुसंधान का स्तर, किसानों तक नई तकनीकों का हस्तांतरण, नवाचार और विद्यार्थियों के प्लेसमेंट जैसे बिंदुओं का मूल्यांकन किया गया। इसके अलावा छात्र-शिक्षक अनुपात, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, छात्रावास, खेल मैदान और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता को भी आधार बनाया गया।

राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगी साख

कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि ग्रेड में सुधार से विश्वविद्यालय को केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, राज्य सरकार, अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और अन्य शोध संस्थाओं से शिक्षण एवं अनुसंधान कार्यक्रमों के लिए अधिक वित्तीय सहयोग मिलने की उम्मीद है। इससे कृषि अनुसंधान, कृषि प्रसार और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि ‘ए’ ग्रेड मिलने से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय की साख बढ़ेगी तथा देश-विदेश के प्रतिभावान विद्यार्थी भी यहां अध्ययन के लिए आकर्षित होंगे।

उल्लेखनीय है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को पिछले वर्ष राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग ढांचे की रैंकिंग में 28वां स्थान मिला था। इस सूची में स्थान पाने वाला यह छत्तीसगढ़ का एकमात्र विश्वविद्यालय है।

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