HM Amit Shah Rajyotsav: नक्सलवाद से मुक्त छत्तीसगढ़ में विकास का नया दौर शुरू : अमित शाह

-गृहमंत्री बोले – बस्तर में अब बारूद नहीं, विकास की बयार
-HM Amit Shah Rajyotsav: हथियार छोडऩे वालों का सम्मान, हिंसा का रास्ता अपनाने वालों से सख्ती
-सीएम साय बोले- पहली बार नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ में मना रहे राज्योत्सव

-शाह के संकल्प और सुरक्षा बलों के साहस से मिली सफलता


रायपुर/नवप्रदेश। छत्तीसगढ़ के 26वें स्थापना वर्ष का राज्योत्सव (HM Amit Shah Rajyotsav) इस बार नक्सलवाद से मुक्ति और बस्तर में विकास के नए दौर के संदेश के साथ संपन्न हुआ। मंगलवार को नवा रायपुर के राज्योत्सव मैदान में आयोजित समापन समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि जिस बस्तर में कभी बारूदी सुरंगों का डर था, वहां अब विकास की बयार बह रही है।

दशकों तक हिंसा और भय का सामना करने वाले आदिवासी अंचलों में शांति, सुरक्षा और विकास का रास्ता खुला है। उन्होंने कहा कि नक्सलियों के सामने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का विकल्प रखा गया था। बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जबकि हिंसा का रास्ता नहीं छोडऩे वालों के खिलाफ सुरक्षा बलों ने कार्रवाई की। शाह ने नक्सलवाद के खात्मे का श्रेय सुरक्षा बलों के साहस, केंद्र और राज्य सरकार के संकल्प तथा आदिवासी समाज के सहयोग को दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब प्रदेश नक्सलमुक्त वातावरण में अपना राज्योत्सव मना रहा है। समारोह में राज्य अलंकरण प्रदान किए गए। इसी अवसर पर महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त के रूप में 632.63 करोड़ रुपए भी जारी किए गए।

बस्तर में तेंदूपत्ते की जगह बारूद की सुरंगें बिछाई गई थीं

अपने संबोधन में अमित शाह ने बस्तर (HM Amit Shah Rajyotsav) के पुराने हालात का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस धरती पर तेंदूपत्ता संग्रहण होना चाहिए था, वहां बारूदी सुरंगें बिछाई जा रही थीं। नक्सली हिंसा ने विकास को रोका और निर्दोष आदिवासियों को इसकी कीमत चुकानी पड़ी। कई परिवार उजड़ गए। लोगों को जान गंवानी पड़ी और बड़ी संख्या में लोग स्थायी रूप से दिव्यांग हो गए। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई केवल सुरक्षा बलों का अभियान नहीं था, बल्कि बस्तर के लोगों को भय से मुक्ति दिलाने और उन तक विकास पहुंचाने का संकल्प था। सरकार ने हिंसा प्रभावित लोगों के पुनर्वास और कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने के लिए भी काम किया है।

90 प्रतिशत ने आत्मसमर्पण किया, 10 प्रतिशत कार्रवाई में मारे गए : शाह

गृहमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान का उल्लेख करते हुए दावा किया कि करीब 90 प्रतिशत नक्सलियों ने आत्मसमर्पण का रास्ता अपनाया, जबकि 10 प्रतिशत कार्रवाई में मारे गए। उन्होंने कहा कि सरकार ने हथियार छोड़कर संविधान और कानून के दायरे में लौटने वालों को सम्मान के साथ मुख्यधारा से जोडऩे की नीति अपनाई। लेकिन जो हथियार उठाकर निर्दोष लोगों की जान लेते रहे, उनके खिलाफ सुरक्षा बलों ने सख्त कार्रवाई की। शाह ने कहा कि नक्सलियों ने अपने प्रभाव वाले इलाकों में समानांतर जनताना सरकार तक बना रखी थी। वहां अलग विभाग, मुख्यमंत्री और मंत्री जैसी व्यवस्था चलाने का दावा किया जाता था। ऐसी व्यवस्था ने आदिवासियों को लोकतांत्रिक अधिकारों और विकास से दूर रखा।

मानवाधिकार की बात करने वाले नक्सली हिंसा के पीडि़तों को भी देखें

अमित शाह ने नक्सलवाद के समर्थकों और मानवाधिकार के नाम पर सरकार की कार्रवाई का विरोध करने वालों पर भी निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मानवाधिकार (HM Amit Shah Rajyotsav) केवल हथियार उठाने वालों के होते हैं? उन निर्दोष आदिवासियों के अधिकारों की बात कौन करेगा, जिन्हें नक्सलियों ने मार दिया या जिनके हाथ-पैर हिंसा में कट गए? उन्होंने कहा कि बस्तर में नक्सली हिंसा से प्रभावित परिवारों की पीड़ा को भी समझना होगा। सरकार की प्राथमिकता बस्तर में स्थायी शांति स्थापित करने के साथ लोगों को सम्मानजनक जीवन और विकास के अवसर उपलब्ध कराना है।

अटलजी ने बनाया, मोदी ने संवारा छत्तीसगढ़

शाह ने छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया। उन्होंने कहा कि अटलजी ने छत्तीसगढ़ को अलग राज्य बनाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे विकास की नई दिशा मिली। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के 15 वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस दौर में भी विकास के कई महत्वपूर्ण काम हुए। हालांकि नक्सलवाद की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकी थी। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद केंद्र और राज्य ने मिलकर नक्सलवाद के खात्मे का संकल्प लिया और इसके लिए निर्णायक अभियान चलाया।

बस्तर की नई पहचान बनेंगे पर्यटन, खेल और संस्कृति

गृहमंत्री ने कहा कि बस्तर की पहचान अब केवल नक्सलवाद से नहीं, बल्कि उसकी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, खेल, पर्यटन और प्राकृतिक सौंदर्य से होगी। उन्होंने बस्तर पंडुम, बस्तर ओलंपिक और बस्तर दशहरा जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे आदिवासी परंपराओं और स्थानीय प्रतिभाओं को नई पहचान मिली है। चित्रकोट, तीरथगढ़ और मैनपाट जैसे पर्यटन स्थलों में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों में स्थान बनाएगा। शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक और खनिज संपदा से समृद्ध है। अब आवश्यकता इस संपदा का लाभ यहां के लोगों तक पहुंचाने की है।

पहली बार नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ में मनाया राज्योत्सव: सीएम साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस वर्ष का राज्योत्सव छत्तीसगढ़ (HM Amit Shah Rajyotsav) के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। पहली बार प्रदेश नक्सलमुक्त वातावरण में स्थापना दिवस मना रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय लोगों को विश्वास नहीं होता था कि छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद समाप्त हो सकेगा, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प ने इसे संभव बनाया। शाह ने नक्सलवाद के खात्मे के लिए समयसीमा तय की और अभियान की लगातार निगरानी की। वे एक दर्जन से अधिक बार छत्तीसगढ़ आए और ऐसे दुर्गम इलाकों तक पहुंचे, जहां जाना भी चुनौतीपूर्ण था। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बस्तर शांति और विकास के नए रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

पात्र महिलाओं को लाभ

राज्योत्सव के समापन समारोह में महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त जारी की गई। इसके तहत प्रदेश की 67 लाख 40 हजार 410 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 632 करोड़ 63 लाख 67 हजार 750 रुपए का अंतरण किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में है।

मोदी की गारंटी कम समय में 70 प्रतिशत से अधिक वादे पूरे करने का दावा

अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार ने कम समय में मोदी की गारंटी के 70 प्रतिशत से अधिक वादों को पूरा किया है। उन्होंने महतारी वंदन योजना, धान खरीदी और अन्य जनकल्याणकारी फैसलों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार ने किसानों, महिलाओं और तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। रामलला दर्शन योजना सहित कई योजनाओं का लाभ प्रदेशवासियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के संकल्प के साथ विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य भी पूरा किया जाएगा।

संसद में चर्चा के लिए सरकार तैयार, लेकिन संवैधानिक मर्यादा जरूरी : शाह

राज्योत्सव के मंच से अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने नक्सलवाद को लेकर कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाए और राहुल गांधी पर संसद की मर्यादा का उपहास उड़ाने का आरोप लगाया। शाह ने कहा कि केंद्र सरकार हर विषय पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। जरूरत पड़ी तो विशेष सत्र बुलाकर भी चर्चा की जा सकती है, लेकिन इसके लिए संसद चलने देना होगा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भीतर होना चाहिए।

पीपल सिटी की परिकल्पना नवा रायपुर में पांच लाख पीपल लगाने का लक्ष्य

केंद्रीय गृहमंत्री ने विकसित भारत पीपल वन पहल का उल्लेख करते हुए नवा रायपुर (HM Amit Shah Rajyotsav) को हरित शहर के रूप में विकसित करने की परिकल्पना रखी। उन्होंने पांच लाख पीपल के पौधे लगाने के लक्ष्य की बात कही। शाह ने कहा कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता देनी होगी। नवा रायपुर में व्यापक पौधरोपण से हरियाली बढ़ाने और शहर को विशिष्ट पहचान देने का प्रयास किया जाएगा।

राज्य अलंकरण से प्रतिभाओं का सम्मान, लोककला और संगीत की सजी शाम

तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का मंगलवार को नवा रायपुर अटल नगर में समापन हुआ। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य अलंकरण समारोह आयोजित किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। अंतिम दिन पद्मश्री उषा बारले की पंडवानी और पाश्र्व गायक अभिजीत भट्टाचार्य के गीतों ने समां बांधा। शिल्पग्राम में विभिन्न अंचलों के कलाकारों ने लोकनृत्य, लोकसंगीत और आदिवासी संस्कृति की प्रस्तुतियों से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता को जीवंत किया।

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