झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस माह यूनाइटेड किंगडम की आधिकारिक यात्रा पर उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल (Hemant Soren Oxford Visit) के नेतृत्व में जा रहे हैं। इस यात्रा का प्रमुख आकर्षण है ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में उनका विद्यार्थियों और शिक्षाविदों के समक्ष संबोधन।
यह कार्यक्रम केवल अकादमिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह झारखंड के राजनीतिक और बौद्धिक इतिहास की संस्थागत निरंतरता और समकालीन शासन प्राथमिकताओं को रेखांकित करता है।
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय का यह संबंध झारखंड की शिक्षा और नेतृत्व विरासत से सीधे जुड़ा है। वर्ष 1922 में वर्तमान झारखंड के छोटानागपुर क्षेत्र में जन्मे आदिवासी नेता जयपाल सिंह मुंडा ने इसी विश्वविद्यालय के सेंट जॉन्स कॉलेज में दर्शनशास्त्र, राजनीति और अर्थशास्त्र का अध्ययन किया।
जयपाल सिंह मुंडा ऑक्सफोर्ड यूनियन डिबेटिंग सोसाइटी के अध्यक्ष रहे और हाकी में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करते हुए उच्चतम खेल सम्मान प्राप्त किया। उन्होंने भारतीय हाकी टीम के कप्तान के रूप में ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। उनके जीवन के ये अनुभव उन्हें आदिवासी अधिकारों के सशक्त प्रवक्ता और संविधान सभा में वंचित वर्गों का प्रतिनिधित्व करने वाले नेता बनाते हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने दौरे के दौरान सेंट जॉन्स कॉलेज, ऑल सोल्स कॉलेज और अन्य प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों से संवाद करेंगे। इसके अलावा वे ब्लावाटनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में सार्वजनिक नीति और शासन से जुड़े विषयों पर विशेष व्याख्यान और परिचर्चा में भाग लेंगे। इस संवाद का उद्देश्य झारखंड की समावेशी विकास रणनीतियों, शिक्षा और संस्थागत क्षमता निर्माण की प्राथमिकताओं को वैश्विक मंच से जोड़ना है।
यह यात्रा झारखंड के इतिहास, शिक्षा और सार्वजनिक नेतृत्व के बीच गहरे संबंध को पुनः स्थापित करती है। जयपाल सिंह मुंडा की अकादमिक और खेल उपलब्धियाँ आज भी झारखंड की नीति और नेतृत्व को प्रेरित करती हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस यात्रा से राज्य की शिक्षा प्रणाली, नीति निर्माण और समावेशी विकास कार्यक्रमों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चेवनिंग–मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा स्कॉलरशिप के माध्यम से अनुसूचित जनजातियों और अन्य वंचित समुदायों के विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। इस स्कॉलरशिप का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उच्च शिक्षा तक पहुंच में समान अवसर प्राप्त हो और युवा पीढ़ी वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा कर सके।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री इस यात्रा में वैश्विक शिक्षा और नीति निर्माताओं के साथ संवाद करेंगे, जिससे झारखंड की शिक्षा, नेतृत्व और संस्थागत क्षमता निर्माण की दिशा में नए दृष्टिकोण मिलेंगे। यह यात्रा राज्य की समावेशी विकास रणनीति और शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि इस यात्रा का महत्व केवल व्यक्तिगत दौरे या शैक्षणिक संबोधन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह झारखंड की शिक्षा, नेतृत्व और नीति निर्माण की विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जयपाल सिंह मुंडा की अकादमिक और नेतृत्व विरासत आज भी राज्य के विकास और नीति निर्माण में प्रासंगिक और प्रेरणादायक है।

