मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren Appointment Letters) ने झारखंड की राजधानी रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में आयोजित समारोह में राज्य के महिला एवं बाल विकास तंत्र को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया। उन्होंने 62 बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) और 313 महिला पर्यवेक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे।
इस अवसर पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार ने इसे रोजगार सृजन के साथ सामाजिक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है, जिसका लाभ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों को मिलेगा।
मुख्यमंत्री (Hemant Soren Appointment Letters) ने कहा कि राज्य गठन के बाद पहली बार इतने बड़े पैमाने पर सीडीपीओ की सीधी नियुक्ति की गई है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से विभाग में रिक्त पद लंबित थे, जिन्हें अब भरा गया है।
उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि लाखों अभ्यर्थियों में से चयनित होना बड़ी जिम्मेदारी है। वर्ष 2023 के विज्ञापन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों ने चार वर्ष का इंतजार किया और अब उनकी मेहनत का परिणाम सामने आया है।
मुख्यमंत्री (Hemant Soren Appointment Letters) ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि ये नियुक्तियां महिलाओं से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से हल करने में मदद करेंगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि महिलाएं प्रशासनिक जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभाएंगी और गांव से लेकर शहर तक सरकारी योजनाओं को जमीन पर उतारने में अहम भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि नवनियुक्त कर्मियों के कौशल से सरकार के कार्यों में गति आएगी और जनता को सीधा लाभ मिलेगा।
कुपोषण से बड़ी संख्या में बच्चे प्रभावित (Hemant Soren Appointment Letters)
मुख्यमंत्री (Hemant Soren Appointment Letters) ने कुपोषण की समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में बच्चे अब भी इससे प्रभावित हैं। उन्होंने अधिकारियों से कुपोषण उन्मूलन के लिए विशेष अभियान चलाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि समय रहते इस समस्या को नियंत्रित नहीं किया गया तो यह बच्चों के भविष्य को प्रभावित करेगी। उन्होंने निर्देश दिया कि सरकार की योजनाओं और सुविधाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
पर्यवेक्षकों के कार्यों की रैंकिंग करने के निर्देश
उन्होंने प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए सीडीपीओ और महिला पर्यवेक्षकों के कार्यों की रैंकिंग करने के निर्देश दिए। बेहतर प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित करने और पद के दुरुपयोग पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे प्रशासनिक ढांचे को मजबूती मिलेगी और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने ‘मैया सम्मान योजना’ का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके तहत 52 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 2500 रुपये की सहायता दी जा रही है।
