Heavy Rain : तीन दिनों से लगातार जारी है सावन की झड़ी…नदी नाले लबालब

छत्तीसगढ़ में अब तक 552.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज

रायपुर/नवप्रदेश। Heavy Rain : राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक 1 जून 2021 से अब तक राज्य में 555.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 1 जून से आज 30 जुलाई तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार कोरबा जिले में सर्वाधिक 874.4 मिमी और बालोद जिले में सबसे कम 402.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।

रायपुर जिले में दस वर्षो का रिकार्ड

चालू मानसून सत्र के दौरान 1 जून से अब तक रायपुर जिले के सभी (Heavy Rain) विकासखंडों में 489.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज वर्षा हुई। आज सबेरे समाप्त 24 घंटे के दौरान रायपुर तहसील में 27 मिमी, आरंग तहसील में 18.4 मिमी, अभनपुर में 5.6 मिमी, गोबरा-नवापारा में 27.4 मिमी, तिल्दा में 20.8 मिमी तथा खरोरा तहसील में 32 मिमी. वर्षा दर्ज की गई है। इस तरह आज सभी विकासखंडों में वर्षा हुई और औसत रूप से जिले में 23.5 मिमी की बारिश दर्ज की गई। रायपुर तहसील में 605.2 मिमी, आरंग तहसील में 284.6 मिमी, अभनपुर में 390.4 मिमी, गोबरा-नवापारा में 610.4 मिमी, तिल्दा में 479.1 मिमी, खरोरा में 565 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। जिले में इस वर्ष पिछले दस वर्षो की औसत वर्षा का 107.3 प्रतिशत रिकार्ड की गई है।

तीन दिनों में लगातार बारिश

रायपुर में पिछले तीन दिनों में लगातार हो रही सावन की झड़ी से प्रदेश में 52.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वहीं राजधानी रायपुर में पिछले तीन दिनों में 59.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में एक जून से अब तक 546.2 मिमी बारिश हो चुकी है। प्रदेश में सबसे अधिक सुकुमा जिले में सर्वाधिक बारिश 981.6 मिमी बारिश हो चुकी है, जो 86 फीसदी अधिक बारिश है। प्रदेश के छह जिलों में सामान्य से अधिक, 15 जिलों में सामान्य और पांच जिलों में सामान्य से कम बारिश अब तक हुई है।

एक-दो स्थानों पर अति भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विज्ञानी के अनुसार मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ऐसे में एक बार किसानों और निचले इलाकों में रहने वाले शहर वासियों की चिंता बढ़ गई है।

बिलापसपुर में सामान्य से 23% ज्यादा हुई बारिश

बिलासपुर में मानसून की अतिरिक्त सक्रियता के चलते जिले में इस महीने 627.6 मिमी बारिश हो चुकी है, जो कि सामान्य से 23 प्रतिशत ज्यादा बारिश है। यह जुलाई में पिछले 9 सालों में हुई सबसे अधिक बारिश है। लगातार पानी गिरने से नदी, नाले तो उफान पर हैं, खेतों में धान की फसल भी डूब गई है। यही स्थिति रही, तो आने वाले दिनों में फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जाने लगी है। उधर मौसम विभाग ने शनिवार और रविवार को जिले के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।

2012 हुई थी ऐसी ही बारिश

जिले में इससे पहले साल 2012 में 605.4 मिमी रिकार्ड वर्षा दर्ज की गई थी। उस वर्ष भी फसलों को काफी (Heavy Rain) नुकसान हुआ था। इस साल जुलाई की शुरुआत में बारिश गायब थी। तेज गर्मी और उमस ने सभी को परेशान कर दिया था। बारिश बंद होने के कारण नदी, नालों के साथ किसानों के खेत भी सूख गए थे। फिर अचानक 20 जुलाई के बाद से जो बारिश शुरू हुआ तो बंद होने का नाम नहीं ले रही है। लगातार तीन दिन झड़ी लगी है।

क्या कहते है कृषि एक्सपर्ट

कृषि विभाग में उपसंचालक के पद पर पदस्थ शशांक शिंदे ने बारिश को लेकर कहा, अगर तेज बारिश हुई तो हाल ही में रोपा और बोता किए गए फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे फसलों वाले खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था किसानों को करनी चाहिए ताकि वे डुबान में न जा सके। आगे उन्होंने कहा जो किसान दलहन तिलहन वाले फसलों की बोनी करने की सोच रहे उन्होंने ऐसे किसानों को मौसम विभाग की ओर से दी गई चेतावनी को ध्यान में रखते हुए 2 दिन का इंतजार करना चाहिए।

क्या कहते है एक्सपर्ट

मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा (Heavy Rain) ने बताया कि एक निम्न दाब का क्षेत्र तटीय बांग्लादेश और उससे लगे पश्चिम बंगाल के ऊपर स्थित है, इसके साथ ऊपरी वायु का चक्रीय चक्रवाती घेरा 5.8 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित है। एक ऊपरी हवा चक्रवाती घेरा पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर 1.5 किलोमीटर से 4.5 किलोमीटर ऊँचाई तक स्थित है। इस कारण से प्रदेश में लगातार बारिश हो रही है।

छत्तीसगढ़ में हुई औसत वर्षा

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