Heart Healthy Diet : बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ा है तो डाइट में शामिल करें चुकंदर, दिल की सेहत को मिल सकते हैं कई फायदे

आजकल खराब खानपान, कम फिजिकल एक्टिविटी और तनाव भरी दिनचर्या की वजह से कम उम्र में भी बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की समस्या तेजी (Heart Healthy Diet) से देखी जा रही है। ऐसे में डाइट में ऐसी चीजें शामिल करना जरूरी हो जाता है जो दिल की सेहत को सपोर्ट करें। चुकंदर ऐसी ही एक सब्जी है, जिसे दिल के लिए फायदेमंद माना जाता है।

इसमें फाइबर, नाइट्रेट और कई एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो हार्ट हेल्थ को सपोर्ट कर सकते हैं। रिसर्च बताती है कि चुकंदर खासकर ब्लड प्रेशर और रक्त वाहिकाओं के कामकाज पर अच्छा असर डाल सकता है, जबकि कोलेस्ट्रॉल पर इसका असर ज्यादातर फाइबर और overall healthy diet के हिस्से के रूप में देखा जाता है।

चुकंदर को क्यों माना जाता है फायदेमंद

चुकंदर में नैचुरल नाइट्रेट्स होते हैं, जो शरीर में जाकर नाइट्रिक ऑक्साइड बनने में मदद करते हैं। यह नाइट्रिक ऑक्साइड ब्लड वेसल्स को रिलैक्स करने और उन्हें थोड़ा चौड़ा करने में मदद करता है, जिससे ब्लड फ्लो बेहतर हो सकता है और ब्लड प्रेशर पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। इसी वजह से चुकंदर को दिल की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। कई वैज्ञानिक समीक्षाओं और कार्डियोवस्कुलर हेल्थ से जुड़ी रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई है कि बीटरूट जूस या चुकंदर का सेवन रक्तचाप घटाने में मदद कर सकता है।

क्या सच में कोलेस्ट्रॉल “गल” जाता है(Heart Healthy Diet)

यह कहना सही नहीं होगा कि चुकंदर खाने से नसों में चिपका फैट सीधे “गलने” लगता है। ऐसा दावा बढ़ा-चढ़ाकर (Heart Healthy Diet) पेश किया जाता है। ज्यादा सटीक बात यह है कि चुकंदर, खासकर उसके फाइबर और heart-friendly nutrition profile की वजह से, ऐसी डाइट का हिस्सा बन सकता है जो LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद करे। कोलेस्ट्रॉल कम करने में सबसे ज्यादा मदद आम तौर पर soluble fiber, कम saturated fat और overall balanced diet से मिलती है। फाइबर का LDL पर असर मामूली लेकिन वास्तविक माना जाता है।

चुकंदर में क्या-क्या मिलता है

चुकंदर में फाइबर होता है, कैलोरी और फैट कम होता है, और इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं। यही वजह है कि इसे heart-friendly vegetables में गिना जाता है। हालांकि यह अकेले हाई कोलेस्ट्रॉल का इलाज नहीं है, लेकिन अगर आप इसे संतुलित डाइट, एक्सरसाइज और डॉक्टर की सलाह के साथ लें, तो यह फायदेमंद हो सकता है। हार्ट हेल्थ के लिए सिर्फ एक फूड पर निर्भर रहने के बजाय पूरी eating pattern पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।

कैसे करें डाइट में शामिल

चुकंदर को सलाद, जूस, उबालकर, रायता या सूप के रूप में लिया (Heart Healthy Diet) जा सकता है। कुछ रिसर्च में बीटरूट जूस की छोटी मात्रा का उपयोग ब्लड प्रेशर पर असर देखने के लिए किया गया है, लेकिन रोज कितना लेना है, यह व्यक्ति की जरूरत और सेहत पर निर्भर करता है। बेहतर यही है कि इसे एक balanced meal plan का हिस्सा बनाया जाए, न कि miracle remedy समझा जाए।

किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी

जिन लोगों को किडनी स्टोन, खासकर ऑक्सालेट स्टोन की समस्या रही हो, उन्हें चुकंदर का सेवन सीमित या डॉक्टर की सलाह से करना चाहिए क्योंकि इसमें ऑक्सालेट अधिक हो सकता है। इसी तरह यदि आप हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज की दवा ले रहे हैं, तो सिर्फ घरेलू उपायों पर भरोसा करने के बजाय नियमित जांच और मेडिकल सलाह जरूरी है।बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ा है तो डाइट में शामिल करें चुकंदर, दिल की सेहत को मिल सकते हैं कई फायदे

आजकल खराब खानपान, कम फिजिकल एक्टिविटी और तनाव भरी दिनचर्या की वजह से कम उम्र में भी बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की समस्या तेजी से देखी जा रही है। ऐसे में डाइट में ऐसी चीजें शामिल करना जरूरी हो जाता है जो दिल की सेहत को सपोर्ट करें। चुकंदर ऐसी ही एक सब्जी है, जिसे दिल के लिए फायदेमंद माना जाता है।

इसमें फाइबर, नाइट्रेट और कई एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो हार्ट हेल्थ को सपोर्ट कर सकते हैं। रिसर्च बताती है कि चुकंदर खासकर ब्लड प्रेशर और रक्त वाहिकाओं के कामकाज पर अच्छा असर डाल सकता है, जबकि कोलेस्ट्रॉल पर इसका असर ज्यादातर फाइबर और overall healthy diet के हिस्से के रूप में देखा जाता है।

चुकंदर को क्यों माना जाता है फायदेमंद

चुकंदर में नैचुरल नाइट्रेट्स होते हैं, जो शरीर में जाकर नाइट्रिक ऑक्साइड बनने में मदद करते हैं। यह नाइट्रिक ऑक्साइड ब्लड वेसल्स को रिलैक्स करने और उन्हें थोड़ा चौड़ा करने में मदद करता है, जिससे ब्लड फ्लो बेहतर हो सकता है और ब्लड प्रेशर पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। इसी वजह से चुकंदर को दिल की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। कई वैज्ञानिक समीक्षाओं और कार्डियोवस्कुलर हेल्थ से जुड़ी रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई है कि बीटरूट जूस या चुकंदर का सेवन रक्तचाप घटाने में मदद कर सकता है।

क्या सच में कोलेस्ट्रॉल “गल” जाता है

यह कहना सही नहीं होगा कि चुकंदर खाने से नसों में चिपका फैट सीधे “गलने” लगता है। ऐसा दावा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है। ज्यादा सटीक बात यह है कि चुकंदर, खासकर उसके फाइबर और heart-friendly nutrition profile की वजह से, ऐसी डाइट का हिस्सा बन सकता है जो LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद करे। कोलेस्ट्रॉल कम करने में सबसे ज्यादा मदद आम तौर पर soluble fiber, कम saturated fat और overall balanced diet से मिलती है। फाइबर का LDL पर असर मामूली लेकिन वास्तविक माना जाता है।

चुकंदर में क्या-क्या मिलता है

चुकंदर में फाइबर होता है, कैलोरी और फैट कम होता है, और इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं। यही वजह है कि इसे heart-friendly vegetables में गिना जाता है। हालांकि यह अकेले हाई कोलेस्ट्रॉल का इलाज नहीं है, लेकिन अगर आप इसे संतुलित डाइट, एक्सरसाइज और डॉक्टर की सलाह के साथ लें, तो यह फायदेमंद हो सकता है। हार्ट हेल्थ के लिए सिर्फ एक फूड पर निर्भर रहने के बजाय पूरी eating pattern पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।

कैसे करें डाइट में शामिल

चुकंदर को सलाद, जूस, उबालकर, रायता या सूप के रूप में लिया जा सकता है। कुछ रिसर्च में बीटरूट जूस की छोटी मात्रा का उपयोग ब्लड प्रेशर पर असर देखने के लिए किया गया है, लेकिन रोज कितना (Heart Healthy Diet) लेना है, यह व्यक्ति की जरूरत और सेहत पर निर्भर करता है। बेहतर यही है कि इसे एक balanced meal plan का हिस्सा बनाया जाए, न कि miracle remedy समझा जाए।

किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी

जिन लोगों को किडनी स्टोन, खासकर ऑक्सालेट स्टोन की समस्या रही हो, उन्हें चुकंदर का सेवन सीमित या डॉक्टर की सलाह से करना चाहिए क्योंकि इसमें ऑक्सालेट अधिक हो सकता है। इसी तरह यदि आप हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज की दवा ले रहे हैं, तो सिर्फ घरेलू उपायों पर भरोसा करने के बजाय नियमित जांच और मेडिकल सलाह जरूरी है।

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