नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास – दोनों मोर्चों पर सरकार की प्राथमिकता को रेखांकित करते हुए Mohan Yadav सोमवार को हेलिकॉप्टर से सीधे बालाघाट (Hawk Force Promotion) पहुंचे। आगमन के बाद मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक पहुंचकर वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की और जिले में अब तक हुई नक्सली गतिविधियों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री पुलिस लाइन में आयोजित ‘साहसिक अभियान’ कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने हॉक फोर्स के 60 जवानों को आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन देकर सम्मानित किया। ये वही जवान हैं जिन्होंने 14 जून 2025 को रूपझर थाना क्षेत्र के पचामादादर–कटेझिरिया पहाड़ी जंगल में नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में अदम्य साहस का परिचय दिया था। इस कार्रवाई में हॉक फोर्स ने प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के मलाजखंड दलम के पांच नक्सलियों को मार गिराया था।
मुख्यमंत्री के हाथों पदोन्नति पाने वाले जवानों में विपिन चंद्र खलको, शुभम प्रताप सिंह तोमर, रत्नेश मीणा, मनोज कुमार यादव, प्रदीप कुमार परते, सुनील सिंह कुशवाह सहित कुल 60 नाम शामिल (Hawk Force Promotion) हैं। इस सम्मान से न केवल हॉक फोर्स बल्कि पूरे सुरक्षा बलों का मनोबल और अधिक मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
विकास को भी मिली रफ्तार
सुरक्षा के साथ-साथ विकास के मोर्चे पर भी मुख्यमंत्री ने बालाघाट को बड़ी सौगात दी। उन्होंने कुल 100 करोड़ 90 लाख रुपये की लागत के 27 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 31 करोड़ 07 लाख रुपये के 7 कार्यों का भूमिपूजन और 69 करोड़ 83 लाख रुपये के 20 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इन परियोजनाओं से जिले के बुनियादी ढांचे, सड़क, भवन और जनसुविधाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन ने पहले से व्यापक तैयारियां (Hawk Force Promotion) की थीं। यह दौरा जहां नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों के हौसले को नई ऊंचाई देता दिखा, वहीं विकास योजनाओं के जरिए बालाघाट को नई गति मिलने का भरोसा भी दिलाता नजर आया।

