प्रसंगवश: “बाबा” प्रधान देश में छल, प्रपंच और पाखंड की गिरफ्त में बहुसंख्यक समाज
यशवंत धोटेHathras stampede: ऐसा लगता है कि जब हम स्कूल में पढ़ा करते थे कि भारत एक कृषि प्रधान देश है जिसकी 80 फीसदी आबादी कृषि पर निर्भर है लेकिन मौजूदा दौर में हम ये कह सकते है कि भारत अब बाबा प्रधान देश हो गया है। जिसकी अधिकांश आबादी इनके छल, प्रपंच और पाखण्ड … Continue reading प्रसंगवश: “बाबा” प्रधान देश में छल, प्रपंच और पाखंड की गिरफ्त में बहुसंख्यक समाज
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