वर्ष 2027 के हरिद्वार अर्धकुंभ (Haridwar Kumbh Snan Dates) को लेकर एक ऐतिहासिक घोषणा हुई है। इस बार पहली बार चार अमृत स्नान आयोजित किए जाएंगे। अर्धकुंभ का शुभारंभ 14 जनवरी को मकर संक्रांति से होगा, जबकि पहला अमृत स्नान 6 मार्च और अंतिम 20 अप्रैल को निर्धारित किया गया है।
तीन माह तक चलने वाले इस विशाल धार्मिक आयोजन में कुल 10 शाही एवं पर्व स्नान संपन्न होंगे। शुक्रवार को हरिद्वार स्थित डामकोठी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अर्धकुंभ (Haridwar Kumbh Snan Dates) से जुड़े सभी निर्णयों में संत परंपराओं, आस्था और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देवभूमि को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने का जो आह्वान किया गया है, उसके अनुरूप सरकार अर्धकुंभ–2027 को दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ तैयारियों में जुटी है।
सीएम धामी ने बताया कि वर्ष 2021 में कोरोना महामारी के कारण कुंभ सीमित अवधि में और प्रतीकात्मक स्नानों के साथ आयोजित किया गया था, लेकिन अर्धकुंभ–2027 कई मायनों में अद्वितीय होगा। इस बार श्रद्धालुओं की संख्या 2010 और 2021 के कुंभ की तुलना में कई गुना अधिक रहने का अनुमान है। प्रशासनिक तैयारियों, श्रद्धालु सुविधाओं, सुरक्षा योजनाओं और यातायात प्रबंधन पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में श्रीमहंत रवींद्र पुरी (निरंजनी), श्रीमहंत कौशल गिरि, श्रीमहंत हरि गिरि, श्रीमहंत रविंद्र पुरी (महानिर्वाणी), श्रीमहंत वैष्णव दास, श्रीमहंत राजेंद्र दास, श्रीमहंत भगतराम दास सहित सभी अखाड़ों के शीर्ष प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने अर्धकुंभ–2027 को भव्य स्तर पर आयोजित करने के लिए एकमत से सहमति जताई।
सरकार ने आश्वासन दिया कि अधोसंरचना, गंगा घाटों के विस्तार, पार्किंग, टेंट सिटी, मेडिकल सुविधाओं और परिवहन व्यवस्था को समय से पहले पूरा किया जाएगा, ताकि देश–दुनिया से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को सर्वोत्तम अनुभव मिल सके।
