छत्तीसगढ़ की राजनीति से एक दुखद खबर सामने (Guwahati Campaign Incident) आई है। बलौदाबाजार के सक्रिय और युवा कांग्रेस नेता रूपेश ठाकुर का असम के Guwahati में चुनाव प्रचार के दौरान अचानक निधन हो गया। बताया जा रहा है कि उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। रूपेश ठाकुर का यूं अचानक चले जाना न सिर्फ उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र और कांग्रेस संगठन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
तीन बार पार्षद, संगठन के मजबूत चेहरा (Guwahati Campaign Incident)
रूपेश ठाकुर बलौदाबाजार की राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम थे। वे तीन बार पार्षद चुने गए और अपने कार्यकाल के दौरान जमीनी स्तर पर सक्रिय (Guwahati Campaign Incident) रहे। उन्होंने Indian National Congress में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं और पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में भी संगठन को मजबूत करने में भूमिका निभाई। स्थानीय स्तर पर उनकी छवि एक ऐसे नेता की थी, जो आम लोगों के बीच सहज रूप से पहुंच रखते थे और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता देते थे।
चुनाव प्रचार के बीच आई दुखद खबर
मिली जानकारी के अनुसार, रूपेश ठाकुर इन दिनों असम में चुनावी अभियान में व्यस्त थे। इसी दौरान अचानक तबीयत बिगड़ी और हार्ट अटैक आने से उनका निधन हो गया। घटना इतनी अचानक हुई कि मौके पर मौजूद लोग भी संभल नहीं पाए। इस खबर के सामने आते ही बलौदाबाजार समेत पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय लोग गहरे दुख में डूब गए हैं।
पार्थिव शरीर लाने की तैयारी, नेताओं का पहुंचना शुरू
सूत्रों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता Guwahati के लिए रवाना (Guwahati Campaign Incident) हो चुके हैं। रूपेश ठाकुर के पार्थिव शरीर को जल्द ही बलौदाबाजार लाया जाएगा, जहां अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
संगठन को बड़ा नुकसान
रूपेश ठाकुर को कांग्रेस के ऊर्जावान और जुझारू युवा नेताओं में गिना जाता था। उनका अचानक निधन संगठन के लिए एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने बहुत कम उम्र में अपनी पहचान बनाई थी और आने वाले समय में वे राजनीति में बड़ी भूमिका निभा सकते थे।
