बस्तर के ऐतिहासिक गोंचा महापर्व को लेकर तैयारियां अब पूरे रंग में नजर आने (Goncha Festival) लगी हैं। महापर्व के आयोजन से पहले राजधानी में भी इसकी सांस्कृतिक झलक देखने को मिली, जहां परंपरा और आस्था का अनोखा संगम दिखाई दिया। महापर्व को लेकर समाज के लोगों में खासा उत्साह बना हुआ है।
इसी उत्साह के बीच गोंचा महापर्व आयोजन समिति के प्रतिनिधि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मिलने उनके निवास कार्यालय पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें महापर्व में शामिल होने का आमंत्रण दिया, जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार करते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने तुपकी चलाकर दी प्रतीकात्मक सलामी Goncha Festival
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान श्री जगन्नाथ को पारंपरिक रूप से दी जाने वाली सलामी तुपकी चलाकर दी। इस माध्यम से उन्होंने बस्तर की ऐतिहासिक सांस्कृतिक परंपरा का सम्मान किया और महापर्व के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
जगदलपुर में अंडरग्राउंड बिजली व्यवस्था पर जताया आभार
प्रतिनिधिमंडल ने जगदलपुर शहर में बिजली के तारों को अंडरग्राउंड किए जाने के फैसले के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उनका कहना था कि इससे विद्युत संबंधी परेशानियां कम हुई हैं और भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान आने वाली बाधाएं भी दूर हो गई हैं।
619 वर्ष पुरानी परंपरा का निर्वहन
360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डे ने बताया कि समाज इस वर्ष भी अपनी 619 वर्ष पुरानी परंपरा का पालन करते (Goncha Festival) हुए 29 जून से 25 जुलाई 2026 तक बस्तर के ऐतिहासिक गोंचा महापर्व का आयोजन कर रहा है। उन्होंने बताया कि भगवान श्री 1008 जगन्नाथ महाप्रभु की भव्य रथयात्रा 16 जुलाई को श्री जगन्नाथ मंदिर से प्रारंभ होगी। यात्रा सिरहासार भवन जनकपुरी पहुंचेगी, जहां महाप्रभु विराजमान होंगे।
कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक किरण सिंह देव, गोंचा महापर्व आयोजन समिति के अध्यक्ष मुक्तेश पाण्डे सहित समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
