भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ( के अंतर्गत पत्र सूचना कार्यालय रायपुर द्वारा आयोजित अंतर-राज्यीय प्रेस टूर के तहत छत्तीसगढ़ के 14 सदस्यीय पत्रकार प्रतिनिधिमंडल (Golden Temple Visit) ने आज पंजाब के ऐतिहासिक शहर अमृतसर का दौरा किया।
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करना और देश की साझा सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत से रूबरू होना है। प्रतिनिधिमंडल ने अपने प्रवास के दौरान सिख धर्म के सर्वोच्च आध्यात्मिक केंद्र श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) और भारतीय स्वाधीनता संग्राम के मूक गवाह जलियांवाला बाग का अवलोकन किया
स्वर्ण मंदिर सर्वधर्म समभाव का प्रतीक (Golden Temple Visit)
प्रतिनिधिमंडल ने अपनी यात्रा की शुरुआत श्री हरमंदिर साहिब में दर्शन के साथ की। 16वीं शताब्दी में चौथे सिख गुरु, श्री गुरु रामदास जी द्वारा स्थापित यह पवित्र स्थान अपनी अद्वितीय वास्तुकला और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए विश्व विख्यात है। इसकी नींव सूफी संत साईं मियां मीर द्वारा रखी गई थी, जो भारतीय संस्कृति की समावेशी परंपरा का परिचायक है।
प्रतिनिधिमंडल ने परिसर में स्थित ‘अमृत सरोवर’ और स्वर्णमंडित मुख्य भवन का अवलोकन किया। यहाँ के चार प्रवेश द्वार इस बात का प्रतीक हैं कि यह स्थान हर दिशा से आने वाले और हर धर्म को मानने वाले व्यक्ति (Golden Temple Visit) के लिए खुला है। प्रतिनिधिमंडल ने विश्व की सबसे बड़ी सामुदायिक रसोई ‘लंगर’ की व्यवस्था को भी देखा, जहाँ प्रतिदिन हजारों लोग बिना किसी भेदभाव के एक साथ भोजन ग्रहण करते हैं। स्वर्ण मंदिर की यह आध्यात्मिक व्यवस्था सेवा और समानता के भारतीय मूल्यों को प्रदर्शित करती है।
शहादत की ऐतिहासिक गाथा
स्वर्ण मंदिर के पश्चात प्रतिनिधिमंडल ने जलियांवाला बाग शहीद स्मारक का दौरा किया। यह वह ऐतिहासिक स्थल है जहाँ 13 अप्रैल, 1919 को बैसाखी के दिन ब्रिटिश जनरल एडवर्ड डायर के आदेश पर निहत्थे भारतीयों पर अंधाधुंध गोलियां चलाई गई थीं। इस नरसंहार ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की दिशा बदल दी थी।
प्रतिनिधिमंडल ने उस संकरे प्रवेश मार्ग का अवलोकन किया, जिसे डायर ने अपनी टुकड़ी के साथ घेरकर निकास का एकमात्र रास्ता बंद कर दिया था। परिसर की दीवारों पर आज भी संरक्षित गोलियों के निशान उस बर्बरता की गवाही देते हैं। प्रतिनिधिमंडल ने ‘शहीदी कुआं’ पर जाकर उन बलिदानियों को नमन किया, जिन्होंने गोलियों से बचने के लिए कुएं में छलांग लगा दी थी। यहाँ की प्रत्येक संरचना और स्मारक उन अमर शहीदों की याद दिलाते हैं जिन्होंने देश की आजादी के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान
पत्र सूचना कार्यालय (PIB), रायपुर द्वारा आयोजित इस प्रेस टूर का उद्देश्य छत्तीसगढ़ और पंजाब के बीच सांस्कृतिक संबंधों को प्रगाढ़ (Golden Temple Visit) करना है। छत्तीसगढ़ के पत्रकारों के इस दल ने अमृतसर के इन दोनों महत्वपूर्ण स्थलों के माध्यम से भारत की आध्यात्मिक शक्ति और ऐतिहासिक संघर्षों को गहराई से समझा।
यह दौरा छत्तीसगढ़ी मीडिया के लिए राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों और उनके संरक्षण की दिशा में किए जा रहे कार्यों को जानने का एक महत्वपूर्ण अवसर सिद्ध हुआ।
