देश के सर्राफा बाजार में बीते 24 घंटे के भीतर जो हलचल देखने (Gold Investment Tips) को मिली, उसने निवेशकों और आम खरीदारों दोनों को सतर्क भी किया और राहत भी दी। गुरुवार की तेज गिरावट के बाद शुक्रवार को बाजार ने वापसी के संकेत दिए हैं। सोना जहां 1.5 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बना हुआ है, वहीं चांदी भी उछाल के बावजूद अपने रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रही है।
सुबह के कारोबार में 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1,47,660 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया, जो पिछले सत्र की तुलना में मजबूत रिकवरी को दिखाता है। यह तेजी ऐसे समय आई है जब बाजार में गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी को प्राथमिकता दी। दूसरी ओर चांदी ने भी जोरदार उछाल दर्ज करते हुए करीब 2,37,678 रुपये प्रति किलो का स्तर छुआ।
तेजी के पीछे क्या है असली वजह? (Gold Investment Tips)
बाजार में अचानक आई इस मजबूती के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू संकेत एक साथ काम (Gold Investment Tips) कर रहे हैं। वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता का माहौल, खासकर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने सोने को फिर से सुरक्षित निवेश विकल्प बना दिया है। वहीं अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर नरमी के संकेत भी कीमती धातुओं को सपोर्ट दे रहे हैं।
रुपये की चाल में उतार-चढ़ाव भी घरेलू बाजार को प्रभावित कर रहा है, जिससे आयात आधारित कीमतों में बदलाव देखने को मिल रहा है। ऐसे माहौल में निवेशकों का रुझान तेजी से बुलियन की ओर बढ़ा है।
चांदी अभी भी सस्ती क्यों मानी जा रही है?
हालांकि आज चांदी में तेजी आई है, लेकिन यह अभी भी अपने पुराने उच्च स्तर से काफी नीचे बनी हुई है। जनवरी के अंत में जिस ऊंचाई को चांदी ने छुआ था, उसके मुकाबले मौजूदा भाव काफी कम हैं। यही वजह है कि इंडस्ट्रियल सेक्टर और बड़े निवेशक इसे मौके के रूप में देख रहे हैं।
प्रमुख शहरों में आज का ताजा भाव
दिल्ली में सोना लगभग 1,48,250 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर (Gold Investment Tips) आया, जबकि चांदी करीब 2,38,500 रुपये प्रति किलो रही। मुंबई में सोना 1,47,660 रुपये और चांदी 2,37,678 रुपये के आसपास बनी रही। चेन्नई में सोने का भाव थोड़ा ऊपर 1,49,100 रुपये तक पहुंचा, वहीं चांदी 2,39,800 रुपये के करीब रही। कोलकाता में भी कीमतें स्थिर रहीं, जहां सोना 1,47,800 रुपये और चांदी 2,37,900 रुपये दर्ज की गई।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
मौजूदा ट्रेंड को देखते हुए बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौर उतार-चढ़ाव से भरा रह सकता है। ऐसे में लंबी अवधि के निवेशक गिरावट को अवसर के रूप में देख सकते हैं, जबकि शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को सतर्क रहने की जरूरत है।
सोने का 1.5 लाख के नीचे टिके रहना बाजार के लिए एक अहम संकेत है। अगर वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहते हैं, तो आने वाले दिनों में कीमतों में और तेजी भी देखी जा सकती है।
